तिरुवनंतपुरम, 30 अप्रैल केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना करने वाले एक लेख को लेकर वामपंथी पार्टी के सांसद जॉन ब्रिटास से स्पष्टीकरण मांगने का भाजपा नीत केंद्र का कदम देश में व्याप्त ‘‘खतरनाक स्थिति’’ का संकेत है।
माकपा ने आरोप लगाया कि सिर्फ शाह ही नहीं, बल्कि संघ परिवार के कई अन्य नेताओं ने बार-बार भाषणों में ऐसे बयान दिए हैं, जो केरल के लिए ‘‘अपमानजनक’’ थे।
इसने कहा कि मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) में अव्वल रहे केरल की तुलना सोमालिया जैसे देश से भी की गई।
माकपा प्रदेश सचिवालय ने एक बयान में दावा किया कि केरल के प्रति भाजपा नेताओं की बदले की भावना इस कारण से है क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करने में एक आदर्श राज्य है और इसने केंद्र सरकार की वैश्वीकरण नीतियों के विकल्प प्रदान किए हैं।
माकपा ने कहा कि शाह ने कर्नाटक में केरल के बारे में जो कहा था वह हाल ही में मीडिया में प्रकाशित हुआ था, लेकिन जब ब्रिटास के एक लेख में इसका उल्लेख किया गया तो उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया।
भाजपा के एक पदाधिकारी पी. सुधीर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद ब्रिटास को उनके लेख को लेकर राज्यसभा के सभापति एवं उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के कार्यालय में बुलाया गया था।
अपनी शिकायत में, सुधीर ने ब्रिटास के लेख को ‘‘अत्यधिक विभाजनकारी और ध्रुवीकरण करने वाला’’ करार दिया और ‘‘देशद्रोही आचरण के लिए उनके खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई’’ की मांग की।
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