श्रीनगर, 22 अगस्त मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एम वाई तारिगामी ने मंगलवार को कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करना न केवल जम्मू कश्मीर के लोगों के अधिकारों पर, बल्कि भारत की बुनियाद पर भी ‘‘हमला’’ था और अगर उच्चतम न्यायालय केंद्र के ‘‘असंवैधानिक कदम’’ को नहीं रोकता है, तो इसका गहरा असर होगा।
तारिगामी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं संतुष्ट हूं कि याचिकाकर्ताओं के सभी वकीलों की दलीलों में दम है और हमारा मानना है कि पांच अगस्त 2019 को जो हुआ, वह अंसवैधानिक है और संविधान का उपहास है।’’
उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि ‘‘जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख के साथ जो हुआ, वह एक असाधारण हमला है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमला केवल जम्मू कश्मीर तक सीमित नहीं है। यह न केवल जम्मू कश्मीर के लोगों के अधिकारों पर हमला है, बल्कि यह खुद भारत गणराज्य की बुनियाद पर हमला है...अगर उच्चतम न्यायालय ने इस असंवैधानिक कृत्य को नहीं रोका, तो मुझे डर है कि इसका गहरा असर होगा।’’
माकपा नेता ने कहा, ‘‘जो लोग कहते रहे हैं कि अनुच्छेद 370 अस्थायी था, वह यह भूल गए हैं कि यह लिखित में है कि इसे तभी निरस्त किया जा सकता है, जब भारत के राष्ट्रपति को जम्मू कश्मीर की संविधान सभा से स्वीकृति मिलती है, न कि विधानसभा या राज्यपाल से।’’
तारिगामी ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय उन्हें न्याय देगा।
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