देश की खबरें | गर्भपात : अदालत ने कहा, नाबालिग की पहचान जाहिर नहीं करने का निर्देश जारी करे दिल्ली सरकार

नयी दिल्ली, 23 जनवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को शहर की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को परिपत्र जारी करने का निर्देश दिया कि गर्भपात कराने की अनुमति मांग रही नाबालिग बच्ची और उसके परिवार की पहचान का डॉक्टर द्वारा पुलिस को दी जाने वाली रिपोर्ट में खुलासा ना किया जाए।

उच्च न्यायालय ने कहा कि मौजूदा स्थिति में पंजीकृत चिकित्सक सामान्य रूप से नाबालिग बच्ची या उसके परिवार की पहचान का खुलासा किए बगैर या बिना पुलिस रिपोर्ट किए गर्भपात करने से बचते हैं।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने संज्ञान लिया कि ऐसे में नाबालिगों और उनके परिवारों को मजबूरन गर्भपात कराने के लिए गैरपंजीकृत डॉक्टरों या फिर नीम-हकीमों, दाई और अदालतों के पास जाना पड़ता है, इसका बच्चियों की सेहत पर कुप्रभाव भी हो रहा है।

अदालत ने इसमें उच्चतम न्यायालय के फैसले का संदर्भ दिया जिसमें पंजीकृत डॉक्टरों को गर्भपात के मामले में पॉक्सो कानून के तहत पुलिस को दी गई नाबालिगों और उनके परिवारों की सूचनाओं और उनकी पहचान का खुलासा करने से छूट दी गई है।

अदालत का यह आदेश एक महिला की याचिका पर आयी है जिसमें उन्होंने अपनी 14 साल की बेटी का गर्भपात कराने की अनुमति मांगी है। यह बच्ची एक नाबालिग किशोर के साथ आपसी सहमति से बने संबंध से गर्भवती हुई है।

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