देश की खबरें | आप और कांग्रेस दलित विरोधी दल हैं: भाजपा

नयी दिल्ली, 28 मार्च भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस को ‘दलित विरोधी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी ने दिल्ली में दलित कल्याण योजनाओं के कोष का उपयोग नहीं किया, जबकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के सदस्यों के अधिकारों को छीनने के लिए मुस्लिमों के लिए चार फीसदी आरक्षण लागू किया।

भाजपा के आरोप पर आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि दिल्ली में आप की पूर्ववर्ती सरकार ने 2022-23 में ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ के कार्यान्वयन के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, लेकिन निर्धारित निधि से कोई राशि का उपयोग नहीं किया।

उन्होंने कहा कि 2023-24 के बजट में, इसने इस मद पर बजटीय परिव्यय को घटाकर 20 करोड़ रुपये कर दिया और आवंटित निधि का केवल 1 लाख रुपये का उपयोग किया।

भाटिया ने अन्य उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती आप सरकार ने 2020-21 के बजट में शहर में दलित बस्तियों के सुधार के लिए 65 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, लेकिन केवल 50 लाख रुपये का ही इस्तेमाल किया, जो एक प्रतिशत से भी कम था।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत ‘कट्टर बेईमान’ केजरीवाल ने विज्ञापनों में करोड़ों रुपये खर्च कर दिए।

भाटिया ने कहा कि केजरीवाल ने पंजाब में दलित समुदाय से उपमुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने अभी तक इसे पूरा नहीं किया है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह उनकी दलित विरोधी मानसिकता का सबूत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप और कांग्रेस दोनों दलित विरोधी हैं।’’

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का दलित विरोधी चेहरा तब उजागर हो गया, जब कर्नाटक में सरकार ने हाल ही में राज्य में सिविल कार्यों में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण लागू किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम राहुल गांधी से जानना चाहते हैं कि वह भारत के संविधान को पढ़ते हैं और उसकी शपथ लेते हैं या किसी अन्य देश के संविधान की शपथ लेते हैं... वह इटली हो सकता है।’’

उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से पूछा कि वह बताएं कि भारतीय संविधान में कहां लिखा है कि धर्म के आधार पर सिविल कार्यों में आरक्षण दिया जा सकता है।

भाटिया ने आरोप लगाया कि सिविल कार्यों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण देने के कर्नाटक सरकार के फैसले से यह भी पता चलता है कि कांग्रेस में तुष्टिकरण की राजनीति हावी है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह राहुल गांधी की सोच है।’’

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण पिछड़े समुदायों के लोगों के अधिकारों को छीन लेगा।

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से पूछा कि सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसियों के लिए ऐसा प्रावधान क्यों नहीं किया गया, जबकि इस कदम का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय का कल्याण सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे कहते हैं कि वे गरीब मुसलमानों की मदद करना चाहते हैं ... जो दो करोड़ रुपये (चार प्रतिशत कोटे के तहत) के ठेके पर काम के लिए आवेदन देगा, उसे बयाना राशि के रूप में लाखों रुपये जमा कराने होंगे।’’

उन्होंने पूछा, ‘‘ये गरीब मुसलमान कौन हैं?’’

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