इस्लामाबाद, 25 अप्रैल भारत एवं पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच सीनेट ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित कर भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले से देश को जोड़ने के ‘‘तुच्छ और निराधार प्रयासों’’ को खारिज कर दिया।
कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने प्रस्ताव पेश किया, जिसे संसद के उच्च सदन में सभी दलों का समर्थन मिला।
प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘पाकिस्तान जल आतंकवाद या सैन्य उकसावे सहित किसी भी आक्रामकता के खिलाफ अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।’’
प्रस्ताव में पाकिस्तान को हमले से जोड़ने के सभी ‘‘तुच्छ और निराधार प्रयासों’’ को खारिज करते हुए कहा गया है कि बेकसूर आम नागरिकों की हत्या करना पाकिस्तान द्वारा बनाए गए मूल्यों के खिलाफ है।
प्रस्ताव में ‘‘पाकिस्तान को बदनाम करने के लिए भारत सरकार द्वारा सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए इसकी निंदा की गई है और कहा गया है कि इस तरह के प्रयास तुच्छ राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए आतंकवाद के मुद्दे का इस्तेमाल करने का चिर परिचित तरीका है।’’
प्रस्ताव में सिंधु जल संधि को स्थगित रखने की भारत की घोषणा की भी निंदा की गई और कहा गया कि यह कदम ‘‘युद्ध की कार्रवाई’’ के बराबर है।
इससे पहले, उप प्रधानमंत्री ने सदन को सूचित किया कि विदेश कार्यालय ने क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के बारे में 26 देशों के राजनयिकों को जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सशस्त्र बल भारत के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्होंने कहा कि इस तरह के किसी भी कदम का जवाब पूर्व की तरह ही दिया जाएगा।
प्रस्ताव पारित होने से एक दिन पहले पाकिस्तान में शीर्ष असैन्य एवं सैन्य नेताओं की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक में भारत के साथ शिमला समझौते और अन्य द्विपक्षीय समझौतों को स्थगित करने, सभी तरह के व्यापार को निलंबित करने और भारतीय विमानन कंपनियों के लिए देश के हवाई क्षेत्र को बंद करने का फैसला लिया गया था।
पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को वाघा सीमा चौकी को भी बंद कर दिया, दक्षेस वीजा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत भारतीयों को दिए गए वीजा रद्द कर दिया था तथा भारतीय उच्चायोग में सैन्य सलाहकारों को देश छोड़ने को कहा था। ये कदम पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत द्वारा उठाए गए कदमों के जवाब में किया गया।
भारत ने बुधवार को सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था और पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को और कमतर कर दिया था।
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