कोच्चि, नौ मई मालदीव में फंसे भारतीयों को लेकर नौसेना के पोत के यहां पहुंचने से पहले एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने शनिवार को कहा कि इनमें शामिल 400 से अधिक केरलवासी और देश के अन्य राज्यों के लोगों के यहां सुरक्षित पृथक-वास के लिए सभी इंतजाम कर लिए गए हैं।
कोविड-19 लॉकडाउन के कारण दूसरे देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए भारतीय नौसेना के ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु’ में भाग ले रहा ‘आईएनएस जलाश्व’ शुक्रवार रात 698 भारतीय नागरिकों को लेकर माले बंदरगाह से कोच्चि के लिए रवाना हो चुका है।
इसके यहां रविवार को पहुंचने की संभावना है। कोविड-19 के प्रकोप के बीच लागू लॉकडाउन के दौरान यह भारतीय नौसेना का इतने बड़े पैमाने पर पहला देश वापसी अभियान है।
एक रक्षा सूत्र ने बताया कि पोत के रविवार सुबह साढ़े नौ से दस बजे के बीच कोच्चि बंदरगाह ट्रस्ट क्रूज टर्मिनल पर पहुंचने की उम्मीद है।
पुलिस महानिरीक्षक विजय सखारे ने कहा कि जहाज से यात्रा कर रहे 440 लोग केरल के हैं।
बाकी यात्री देश के अन्य हिस्सों से हैं। इनमें तमिलनाडु (187), गोवा (1)
, हिमाचल प्रदेश (3), महाराष्ट्र (3), राजस्थान (3), तेलंगाना (9) और लक्षद्वीप (4)समेत अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं।
पोत पर दिल्ली (4), पुडुचेरी (3), उत्तर प्रदेश (2), उत्तराखंड (7), पश्चिम बंगाल (7), मध्य प्रदेश (2) और झारखंड (2) के रहने वाले लोग भी सवार हैं।
कोच्चि के पुलिस आयुक्त के तौर पर भी कामकाज देख रहे सखारे ने पीटीआई- से कहा, ‘‘जहाज पर सवार इन सभी लोगों को 14 दिन तक पृथक-वास केंद्रों में रखा जाएगा।’’
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