जरुरी जानकारी | ब्याज सहायता से 9.37 करोड़ मुद्रा शिशु कर्ज लेने वाले लाभार्थियों को होगा लाभ: वित्त मंत्रालय

नयी दिल्ली, 14 जुलाई वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज के तहत 2 प्रतिशत ब्याज सहायता योजना से 9.37 करोड़ मुद्रा शिशु कर्ज खाताधारकों को लाभ होगा।

मुद्रा योजना के तहत शिशु ऋण के तहत कर्जदाता बिना किसी गारंटी के 50,000 रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराते हैं।

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वित्तीय सेवा विभाग ने ट्वीट किया, ‘छोटे कारोबारियों की मदद के लिये एक और कदम। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत समय पर कर्ज की किस्त देने वालों को 12 महीने के लिये 2 प्रतिशत ब्याज सहायता योजना से 9.37 करोड़ मुद्रा शिशु कर्ज खाताधारकों को लाभ होगा।’’

पिछले महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मुद्रा योजना के तहत शिशु कर्ज खाताधारकों के लिये 2 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी योजना को मंजूरी दी। इसका मकसद छोटे कारोबारियों को कोरोना वायरस संकट और ‘लॉकडाउन’ के कारण कठिनाइयों से पार पाने में मदद मिलेगी।

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दो प्रतिशत ब्याज सहायता पर 1,542 करोड़ रुपये का खर्च होगा।

योजना का लाभ 31 मार्च, 2020 तक के बकाया कर्ज पर मिलेगा और इसके लिये जरूरी है कि वह गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) की श्रेणी में नहीं आया हो। इससे उन लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा जो कर्ज की किस्त समय पर देते हैं।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ अप्रैल 2015 को की। इसके तहत 10 लाख रुपये तक का कर्ज गैर-कॉरपोरेट, गैर-कृषि लघु / मझोले उद्यमों को दिया जाता है।

योजना का क्रियान्वयन लघु उद्योग विकास बैंक कर रहा है और इसे 12 महीने के लिये लागू किया गया है।

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