जरुरी जानकारी | उपग्रह संचार स्पेक्ट्रम की प्रशासनिक नीलामी के पक्ष में हैं 73 प्रतिशत कंपनियां : सर्वे

नयी दिल्ली, 18 जून स्टारलिंक, अमेजन, वनवेब सहित लगभग तीन-चौथाई कंपनियों ने नीलामी की जगह एक प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिये उपग्रह संचार स्पेक्ट्रम के आवंटन की वकालत की है। अंतरिक्ष क्षेत्र के उद्योग निकाय आईएसए ने यह जानकारी दी है।

ट्राई के परामर्श पत्र पर दूरसंचार परिचालकों रिलायंस जियो और वोडाफोन ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए एक प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिये उपग्रह संचार के लिए स्पेक्ट्रम के आवंटन का विरोध किया है।

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि ऐसे स्पेक्ट्रम के उपयोग का अधिकार केवल एक पारदर्शी नीलामी के जरिये ही दिया जा सकता है।

हालांकि, भारती एयरटेल ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं के जरिये स्पेक्ट्रम आवंटित करने की सैटेलाइट कंपनियों की मांग का समर्थन किया है। वनवेब में भारती समूह की बड़ी हिस्सेदारी है।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अंतरिक्ष आधारित संचार के लिए स्पेक्ट्रम के आवंटन पर एक परामर्श पत्र जारी किया है।

भारतीय अंतरिक्ष संघ (आईएसए) के मुताबिक, 64 उत्तरदाताओं में लगभग 73 प्रतिशत या 47 ने प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से स्पेक्ट्रम के आवंटन की वकालत की है।

आईएसए के महानिदेशक ए के भट्ट ने पीटीआई- को बताया, ‘‘भारी बहुमत के साथ उपग्रह स्पेक्ट्रम के प्रशासनिक आवंटन का समर्थन किया गया है। इसमें सभी अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियां हैं। यह आईएसए के नजरिये को पुष्ट करता है। हमारे सुझाव सर्वोत्तम वैश्विक व्यवहार के अनुरूप हैं।''

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