बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश), छह मई हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में वैध और अवैध खनन गतिविधियों के कारण कुल 278 पेयजल आपूर्ति योजनाओं में से 62 प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न इलाकों से पानी की कमी की खबरें आनी शुरू हो गई हैं।
जिले में खनन गतिविधियों के कारण छोटे कुओं में जल स्तर लगभग डेढ़ मीटर तक नीचे चला गया है। घरों में पानी की आपूर्ति करने के लिए मोटरों का उपयोग करके इन छोटे कुओं में पानी जमा किया जाता है। यहां रहने वाले लोगों ने इस बात की आशंका जताई है कि आगामी गर्मियों के मौसम में पानी की कमी हो सकती है।
बिलासपुर के जल शक्ति विभाग ने चेकडैम (लघु बांध) बनाकर जल स्तर बहाल करने के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की है और इसे उच्च अधिकारियों को भेजा है।
इस प्रस्ताव को उपायुक्त बिलासपुर की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदित कर राज्य स्तरीय समिति को स्वीकृति हेतु भेजा गया है।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार की मंजूरी मिलते ही इस प्रस्ताव को जल जीवन मिशन को फंडिंग के लिए भेजा जाएगा। जलापूर्ति योजना के तहत 'खुद' और नदी घाटों से पानी उठाकर छोटे कुओं (गड्ढों जैसी संरचना) में जमा किया जाता है। फिर इसे शोधित कर पाइप के जरिए इसकी आपूर्ति की जाती है।
अधिकारियों ने कहा कि पानी का स्तर नीचे जा रहा है, पाइप पानी नहीं उठा पा रहे हैं, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
जिले में 278 पेयजल योजनाएं व 76 सिंचाई योजनाएं संचालित हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY