जबलपुर, 20 मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस की कथित पिटाई से 50 साल के एक किसान की सोमवार को यहां मौत हो गयी, जिससे इस घटना के बाद मामले में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है ।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाॅ संजीव उइके ने सोमवार को बताया कि लॉकडाउन के दौरान 16 अप्रैल की रात को एक किसान बंसी कुशवाहा की कथित पिटाई करने के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है ।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में किसान ने छह पुलिसकर्मियों के नाम लिए गए थे और उन सभी को निलंबित कर दिया गया है ।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में मालूम हुआ है कि किसान को एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए 19 अप्रैल को भर्ती कराया गया था।
उइके ने बताया कि हालांकि किसान की ओर से इस घटना के बारे में पुलिस थाने या पुलिस अधिकारियों से कोई शिकायत नहीं की गयी है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) स्तर के अधिकारी से जांच कराई जा रही है। किसान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
वहीं दूसरी और प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने किसान का वीडियो ट्विटर पर साझा किया, जिसमें किसान घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के नाम ले रहा है।
कमलनाथ ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘जबलपुर में शिवराज सरकार की पुलिस ने 50 वर्षीय बंशी कुशवाह नाम के किसान की बेरहमी से उस समय पिटाई की, जब वह अपने खेत में बंधी गाय को चारा ,पानी देकर लौट रहा था। इस बेरहमी से पिटाई से उस ग़रीब किसान की मौत हो गयी।’’
उन्होंने कहा, 'शिवराज सरकार के आते ही प्रदेश में किसानों पर दमन प्रारंभ हो गया है। लॉकडाउन का पालन हो लेकिन एक किसान जब अपनी भूखी प्यासी गाय को चारा पानी देकर घर लौट रहा हो, तब कारण जाने बिना उसकी बेरहमी से पिटाई, दरिंदगी एवं बर्बरता है।'
कमलनाथ ने आगे कहा, ‘‘इसके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिये । किसान के परिवार की सरकार हरसंभव मदद करे। शिवराज सरकार में एक तरफ़ तो अपराधी भाग रहे हैं, संभल नहीं रहे हैं, वही दूसरी तरफ आमजन पिटाई व दमन का शिकार हो रहे हैं और मारे जा रहे हैं।’’
दिमो
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