विदेश की खबरें | रफह पर इजराइल के हमले में 45 लोग मारे गये : स्वास्थ्य अधिकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इजराइल को हमास के खिलाफ अपने युद्ध के चलते बढ़ती अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इजराइल के करीबी सहयोगियों खासकर अमेरिका ने नागरिकों की मौत पर नाराजगी जताई है।
इजराइल को हमास के खिलाफ अपने युद्ध के चलते बढ़ती अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इजराइल के करीबी सहयोगियों खासकर अमेरिका ने नागरिकों की मौत पर नाराजगी जताई है।
इजराइल इस बात पर जोर देता है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करता है, जबकि उसे दुनिया की शीर्ष अदालतों में जांच का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से एक अदालत ने पिछले हफ्ते इजराइल से कहा था कि वह रफह में हमले को रोक दे।
इजराइल ने कहा कि हमास के ठिकानों पर हमला करने और दो आतंकवादियों को मार गिराने के बाद वह नागरिकों की मौत की जांच कर रहा है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, रविवार रात का हमला युद्ध के सबसे घातक हमलों में से एक प्रतीत होता है, जिसके कारण युद्ध में मरने वाले कुल फलस्तीनियों की संख्या 36,000 से अधिक हो गई है।
गाजा का स्वास्थ्य मंत्रालय इस आंकड़े को तैयार करने में सेनानियों और गैर-लड़ाकों के बीच अंतर नहीं करता है।
इजराइल के करीबी यूरोपीय सहयोगी फ्रांस ने कहा कि वह हिंसा से ‘आक्रोशित’ है। फ्रांस के राष्ट्रपति राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ये अभियान बंद होने चाहिए। फलस्तीनी नागरिकों के लिए रफह में कोई सुरक्षित क्षेत्र नहीं हैं। मैं अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति पूर्ण सम्मान और तत्काल युद्धविराम का आह्वान करता हूं। ’’
एक अलग घटनाक्रम में मिस्र की सेना ने अधिक विवरण दिए बिना कहा कि रफह क्षेत्र में गोलीबारी के दौरान उसके एक सैनिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इजराइल ने कहा कि वह मिस्र के अधिकारियों के संपर्क में है और दोनों पक्षों ने कहा है कि वे जांच कर रहे हैं।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि इजराइल को रफह में हमास की आखिरी बची हुई बटालियनों को नष्ट करना होगा।
इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने कहा कि रफह में बमबारी का इजराइल पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।
संघर्ष विराम और हमास द्वारा बंधक बनाए गए बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के प्रयासों में इजराइल और हमास के बीच एक प्रमुख मध्यस्थ कतर ने कहा कि हमले वार्ता को ‘जटिल’ बना सकते हैं, जो फिर से शुरू होती दिख रही है।
पड़ोसी देश मिस्र और जॉर्डन ने भी रफह पर हमलों की निंदा की है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने तेल अल-सुल्तान पर हमले को ‘मानवीय अंतरराष्ट्रीय कानून’ के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन बताया।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 27, 2024 10:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

