देश की खबरें | लॉकडाउन के दौरान गरीबों को भोजन देने के लिए खर्च किए 4 लाख रुपये

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एक स्कूल की प्रधानाध्यापिका और उनके पति, लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए अपने छात्रों और पड़ोसियों की दिल खोलकर सहायता कर रहे हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, 24 जुलाई एक स्कूल की प्रधानाध्यापिका और उनके पति, लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए अपने छात्रों और पड़ोसियों की दिल खोलकर सहायता कर रहे हैं।

लॉकडाउन के दौरान दंपति, पड़ोस के गरीब लोगों को खाना खिलाने के लिए अपनी बचत में से चार लाख रुपये से अधिक खर्च कर चुके हैं और उन्होंने यहां स्थित मलाड उपनगर के अम्बुजवाड़ी में स्थित अपने स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की तीन महीने की फीस माफ कर दी है।

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मिजगा शेख (38), अम्बुजवाड़ी में स्थित जील इंग्लिश स्कूल की प्रधानाध्यापिका हैं और उनके पति फैयाज (45) स्कूल के न्यासी हैं।

इन दोनों ने मिलकर लॉकडाउन के दौरान डेढ़ हजार से अधिक लोगों के लिए भोजन और राशन की व्यवस्था की है।

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एक निजी कॉस्मेटिक कम्पनी में काम करने वाले फैयाज शेख ने कहा कि उन्होंने मार्च में लॉकडाउन की शुरुआत से पांच छह दिन बाद ही एक गैर सरकारी संगठन के साथ मिलकर लोगों की सहायता करना शुरू कर दिया था।

चार महीने बाद भी उनका मानवीय कार्य चल रहा है।

उन्होंने पीटीआई- से कहा, “शुरुआत में स्थिति बहुत बुरी थी और बहुत से लोग सहायता के लिए हमारे पास आए लेकिन लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद उनकी संख्या कम हुई है।”

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