नयी दिल्ली, 19 जून देश भर के 3,695 नागरिकों ने एक याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें ‘इंडिया’ गठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं से हस्तक्षेप करने और नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन को रोकने का आग्रह किया गया है।
हस्ताक्षर करने वाले लोगों ने नए आपराधिक कानूनों को "लोकतंत्र विरोधी" बताया। याचिका पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख लोगों में तुषार गांधी, तनिका सरकार, हेनरी टीफागने, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सुधीर वोम्बटकेरे, तीस्ता सीतलवाड़, कविता श्रीवास्तव और शबनम हाशमी शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों क्रमश: एन. चंद्रबाबू नायडू एवं नीतीश कुमार तथा राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख जयंत चौधरी को संबोधित यह याचिका विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख लोगों को भेजी गयी है।
जिन लोगों को यह याचिका भेजी गयी है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी, आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं ने नए आपराधिक कानूनों के संबंध में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जांच, कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श और संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने संविधान में निहित लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के महत्व पर जोर दिया।
याचिका में तीन नए कानूनों - भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 को लेकर गंभीर चिंता जतायी गयी है।
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