मंत्रालय के मुताबिक, इस हवाई हमले में दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत ने इजराइल को रफह में अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने का आदेश दिया था, जिसके दो दिन बाद रविवार को यह हमला किया गया। इस महीने की शुरुआत में इजराइल के हमले से पहले तक रफह में गाजा की आधी से ज्यादा आबादी ने शरण ली हुई थी। इलाके में हजारों लोग अब भी रह रहे हैं जबकि बहुत से लोग यहां से भाग निकले हैं।
सबसे बड़े हवाई हमले की फुटेज से इलाके में भारी तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। इजराइली सेना ने हमले की पुष्टि की और बताया कि उसने हमास के एक ठिकाने को निशाना बनाया और इसमें हमास के दो चरमपंथी मारे गये।
सेना ने बताया कि वह खबरों की जांच कर रही है कि नागरिकों को नुकसान पहुंचा है या नहीं। रक्षा मंत्री योव गैलेंट रविवार को रफह पहुंचे और उन्हें वहां तेज होते अभियान की जानकारी दी गई।
फलस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसायटी के एक प्रवक्ता ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि रफह के तल अल सुल्तान में खोज एवं बचाव अभियान अभी जारी है।
सोसायटी ने दोहराया कि इजराइल ने खुद इस इलाके को एक 'मानवीय क्षेत्र' नामित किया था। यह इलाका उन क्षेत्रों में शामिल नहीं है, जिन्हें इजराइली सेना ने इस महीने की शुरुआत में खाली करने का आदेश दिया था।
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