देश की खबरें | इंदौर में 302

इंदौर, 25 अप्रैल कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इंदौर जिले में 302 अपात्र कर्मचारियों को बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) बना दिया गया है ताकि सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा सके।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष सिंह गौतम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इंदौर जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों में 302 ऐसे कर्मचारियों को बीएलओ बना दिया गया है जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के प्रावधानों के मुताबिक इस अहम चुनावी दायित्व की पात्रता नहीं रखते हैं।"

गौतम ने दावा किया कि बीएलओ बनाए गए व्यक्तियों में चपरासी, बिजली मिस्त्री, तबला वादक, वाहन चालक, हैंडपंप तकनीशियन और फोटोग्राफर सरीखे पदों पर काम कर रहे लोग शामिल हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘‘भाजपा की कठपुतली’’ के रूप में काम रहा है और सत्तारूढ़ दल के इशारे पर अपात्र लोगों को बीएलओ बनाकर मतदाता सूची में गड़बड़ी की कोशिश की जा रही है।

कांग्रेस नेता और पार्टी के वकील जयेश गुरनानी ने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के प्रावधानों के मुताबिक सरकारी या अर्ध सरकारी विभागों में काम करने वाले अध्यापकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पटवारियों, लेखपालों, पंचायत सचिवों, डाकिया और अन्य तय श्रेणियों के कर्मचारियों को ही बीएलओ के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।

गुरनानी ने कहा, ‘‘हमने केंद्रीय चुनाव आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन कार्यालय और अन्य संबद्ध पक्षों को कानूनी नोटिस भेजकर कहा है कि बीएलओ के रूप में नियुक्त 302 अपात्र कर्मचारियों को नोटिस मिलने के सात दिन के भीतर इस पद से हटाया जाए।’’

उन्होंने कहा कि अगर अपात्र लोगों को बीएलओ के पद से नहीं हटाया गया, तो कांग्रेस मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

इंदौर में बीएलओ की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बारे में प्रतिक्रिया मांगे जाने पर जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. इलैयाराजा टी. ने पीटीआई- से कहा कि वह मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद ही इस विषय पर कोई टिप्पणी कर सकेंगे।

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