देश की खबरें | मुंबई में आई भीषण बाढ़ को हुए 20 साल, दमकल कर्मियों ने फरिश्ते बनकर बचाई थी लोगों की जान

मुंबई, 26 जुलाई मुंबई में एक भीषण बाढ़ को शनिवार को 20 साल पूरे हो गए, लेकिन तब मीठी नदी के उफान पर होने के दौरान एक खंभे पर चढ़ी महिला और उसके बच्चे को एवं एक बस से कुछ दिव्यांग व्यक्तियों को बचाने की घटना आज भी मुंबई दमकल विभाग के सेवानिवृत्त प्रमुख प्रभात राहंगडाले के रोंगटे खड़े कर देती है।

बीस साल पहले, उस दिन यहां 24 घंटे के अंदर अभूतपूर्व 944 मिलीमीटर बारिश हुई थी तथा उच्च ज्वार के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन हुआ, जिससे 450 लोगों की मौत हो गयी थी।

राहंगडाले को स्पष्ट रूप से याद है कि कैसे उनकी टीम ने 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों--कुर्ला पश्चिम, बीकेसी और कलिना से, आमतौर पर साहसिक खेलों में इस्तेमाल होने वाले ‘कयाक’ और ‘जेट स्की’ का इस्तेमाल करके 300 लोगों को बचाया था।

उन्होंने याद करते हुए कहा, “मैंने हजारों बचाव कार्यों में भाग लिया है, लेकिन कुछ घटनाएं मेरी स्मृति में हमेशा के लिए अंकित हो गई हैं।”

उस समय, दमकल विभाग और नगर निगम के पास समर्पित बाढ़ बचाव दल नहीं था, जिसकी वजह से राहंगडाले को समुद्र तट पर साहसिक गतिविधियों में विशेषज्ञता रखने वाली एक एजेंसी से कर्मियों को नियुक्त करना पड़ा।

वह और अन्य अधिकारी जीप में सवार होकर सायन सर्कल से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स होते हुए कलानगर पहुंचे। रास्ते में पानी भरा था और जगह-जगह वाहन फंसे हुए थे।

अब पीछे मुड़कर देखने पर, राहंगडाले को एहसास होता है कि उन्होंने कितना बड़ा जोखिम उठाया था।

उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, “उस दिन सिर्फ तीन गाड़ियां ही कलानगर क्रॉसिंग तक पहुंच पाईं। पीछे मुड़कर देखने पर मुझे एहसास होता है कि यह कितना खतरनाक था। खुशकिस्मती से हमारी जीप खराब नहीं हुई। हमने देखा कि दूसरी गाड़ियां लगभग डूब चुकी थीं।”

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