देश की खबरें | भारत में जून से 18,000 टन कोरोना कचरा पैदा हुआ, महाराष्ट्र में सर्वाधिक
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर भारत में पिछले चार महीनों में 18,006 टन कोविड-19 बायोमेडिकल कचरा पैदा हुआ और इसमें महाराष्ट्र का योगदान सबसे ज्यादा (3,587 टन) रहा।

यह जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों से मिली है।

यह भी पढ़े | NEET Result Date 2020: आज नहीं इस दिन जारी होगा एनईईटी परीक्षा का रिजल्ट, आधिकारिक वेबसाइट ntaneet.nic.in पर पढ़ें पूरी डिटेल्स.

सिर्फ सितंबर महीने में ही देश भर में करीब 5,500 टन कोविड-19 कचरा पैदा हुआ जो किसी एक महीने में सबसे ज्यादा है।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से मिले आंकड़ों के अनुसार जून से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 18,006 टन कोरोना वायरस संबंधी बायोमेडिकल कचरा पैदा हुआ है। इनका निस्तारण 198 इकाइयों द्वारा किया जा रहा है।

यह भी पढ़े | Jairam Thakur Tests Positive For COVID-19: हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर कोरोना पॉजिटिव, ट्वीट कर दी जानकारी.

कोविड-19 कचरे में पीपीई किट, मास्क, जूता कवर, दस्ताने, रक्त से दूषित वस्तुएं, ब्लड बैग, सुई, सीरिंज आदि शामिल हैं।

आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में जून से चार महीनों में 3,587 टन कचरा पैदा हुआ जबकि तमिलनाडु में 1,737 टन, गुजरात में 1,638 टन, केरल में 1,516 टन, उत्तर प्रदेश में 1,416 टन, दिल्ली में 1,400 टन, कर्नाटक में 1,380 टन और पश्चिम बंगाल में 1,000 टन कचरा पैदा हुआ।

सितंबर में करीब 5,490 टन कचरा पैदा हुआ। इस दौरान सबसे ज्यादा 622 टन कचरा गुजरात में पैदा हुआ। इसके बाद तमिलनाडु में 543 टन, महाराष्ट्र में 524 टन, उत्तर प्रदेश में 507 टन और केरल में 494 टन कचरा पैदा हुआ।

सीआरपीबी आंकड़ों के अनुसार सितंबर महीने में दिल्ली में 382 टन कचरा पैदा हुआ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)