प्रयागराज, 26 अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तबलीगी जमात के 16 विदेशी सदस्यों की जमानत की अर्जी मंजूर कर ली है। ये सदस्य लॉकडाउन के दौरान कथित तौर पर प्रयागराज में छिपे थे।
न्यायमूर्ति एस.एस. शमशेरी ने दो अलग-अलग जमानत याचिकाओं पर सोमवार को यह आदेश पारित किया। एक अर्जी थाइलैंड के मोहम्मद मदली, हसन पाशो, सितिपोग्न लिमूलसक, सुरासक लामूलसक, अरसेन थोमाया, अब्दुल बसीर यीदोरोमे, अब्दुनलाह मामिंग, ओपदुन वाहब विमुतिकन और रोमली कोलाए द्वारा दायर की गई थी।
वहीं जमानत की दूसरी अर्जी इंडोनेशिया के इद्रुस उमर, आदे कुस्तिना, समसुल हादी, इमाम साफी सरनो, सतिजो जोएदिजोनो बेदजो, हेंद्रा सिंबोलोन और देदिक इसकंदर द्वारा दायर की गई थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने अपनी दलील में कहा कि सभी सदस्यों के पास वैध वीजा था और लॉकडाउन की घोषणा के समय ये प्रयागराज में थे। इन्होंने विदेशी कानून सहित कानून के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया। आवेदकों के वीजा और पासपोर्ट में कोई गड़बड़ी नहीं थी।
प्राथमिकी में दर्ज आरोपों के मुताबिक, कोरोना वायरस महामारी के दौरान आवेदक जिला प्रशासन को बगैर कोई सूचना दिए छिपे थे और महामारी के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।
अदालत ने इन याचिकाकर्ताओं की जमानत की अर्जी मंजूर करते हुए उन्हें निर्देश दिया कि वे अभियोजक के गवाहों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे और जब तक निचली अदालत उन्हें हाजिर होने से छूट न दे, वे तय तिथि पर हाजिर होंगे।
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