जरुरी जानकारी | कोच्चि बंदरगाह के आधुनिकीकरण के लिए 140 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे

कोच्चि, 29 सितंबर समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) केरल के प्रमुख कोचीन मत्स्यपालन बंदरगाह को एक दर्जन से अधिक प्रमुख विशेषताओं के साथ उसका आधुनिकीकरण करने के लिए कोचीन पोर्ट ट्रस्ट (सीपीटी) के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है। कोचीन पोर्ट ट्रस्ट के आधुनिकीकरण से समुद्र में पकड़ी गई सामग्रियों की प्राप्ति इकाई मूल्य प्राप्ति बढ़ेगी और उत्पादन के बाद होने वाले नुकसान को कम करेगा।

एमपीईडीए के अध्यक्ष के एस श्रीनिवास ने अपने सीपीटी समकक्ष एम बीना के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 140 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की गई जो विभिन्न केंद्र सरकार की योजनाओं से संसाधन जुटाएगी।

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एमपीईडीए ने मंगलवार को यहां एक बयान में कहा, ‘‘विकास योजनाओं को लागू करने के लिए एक विशेष उद्देश्यीय कोष (एसपीवी) शुरु किया जा रहा है।’’

वर्ष 1928 में स्थापित सीपीटी 27 एकड़ भूमि पर निर्मित बंदरगाह का संचालन करता है, जिसमें 500 से अधिक जहाजों के बर्थिंग और लैंडिंग की सुविधा है।

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वर्ष 1978 में, थोप्पुमपेडी स्थित बंदरगाह पर प्रतिदिन 250 टन मछली की आवक (लैंडिंग) होती है।

प्रसंस्करणकर्ता निर्यात के बहुलांश भाग की खरीद करते हैं।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के तहत गठित, एमपीईडीए का वर्ष 1972 में निर्माण हुआ था जो एक समन्वय एजेंसी है जिसके केंद्र और राज्य स्तर के प्रतिष्ठान मत्स्य उत्पादन और संबद्ध गतिविधियों में लगे हैं।

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