जरुरी जानकारी | कुल 1,875 करोड़ रुपये जीएसटी रिफंड का दावा करने वाले 1,377 निर्यातकों का अता-पता नहीं

नयी दिल्ली, 17 जुलाई माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कर वापसी के तहत 1,857 करोड़ रुपये रिफंड का दावा करने वाले 1,300 निर्यातकों का उनके मूल कारोबार वाले स्थान पर कोई अता-पता नहीं है। सरकार द्वारा 7,516 ‘जोखिम वाले निर्यातकों’ की पहचान के बाद बड़े स्तर पर शुरू की गई सत्यापन मुहिम से यह पता चला है।

एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, ‘‘कुल 1,377 निर्यातकों ने फर्जी तरीके से 1,875 करेाड़ रुपये के आईजीएसटी (एकीकृत माल एवं सेवा कर) वापसी का दावा किया। सत्यापन अभियान के तहत इन निर्यातकों का उनके कारोबार वाले मूल स्थान पर कोई अता-पता नहीं मिला।’’ उसने कहा कि इसमें सात मान्यता प्राप्त ‘स्टार’ निर्यातक हैं।

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अधिकारी ने कहा कि आज की तारीख में 7,516 निर्यातक ‘जोखिमपूर्ण निर्यातकों’ की सूची में हैं। इनमें से 2,830 निर्यातकों के 1,363 करोड़ रुपये की आईजीएसटी वापसी निलंबित रखी गई है।

उसने कहा कि सरकार को 2,197 जोखिमपूर्ण निर्यातकों के संदर्भ में प्रतिकूल रिपोर्ट मिली है और 10 ‘स्टार’ निर्यातकों ने गलत तरीके से 28.9 करोड़ रुपये का आईजीएसअी रिफंड का दावा किया है।

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अधिकारी ने कहा, ‘‘केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के क्षेत्रीय अधिकारियों ने 115 करोड़ रुपये के अपराध के मामलों का पता लगाया है। इस सिलसिले में जोखिमपूर्ण निर्यातकों को चिन्हित किया गया है।’’

उसने कहा, ‘‘साथ ही अब तक किये गये 234 आपूर्तिकर्ताओं के सत्यापन में से 82 आपूर्तिकर्ताओं का उनके कारोबार वाले मूल स्थल पर पता-ठिकाना नहीं मिला।’’

निर्यातकों को सीमा शुल्क, जीएसटी, आयकर और डीजीएफटी आंकड़े पर आधारित विशिष्ट जोखिम संकेतकों के तहत ‘जोखिमपूर्ण’ माना जाता है।

पिछले साल सीबीआईसी ने कई मामलों का पता लगाया था जिसमें कंपनियों ने वस्तुओं के निर्यात पर आईजीएसटअी रिफंड के जरिये फर्जी तरीके से ‘क्रेडिट’ हासिल किये।

जोखिम को कम करने के लिये सीबीआईसी ने जांच-पड़ताल व्यवस्था मजबूत की है।

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