देश की खबरें | कोविड-19 की उच्च मृत्युदर वाले 13 जिलों में कम जांच की समस्या को दूर करने को कहा गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 13 जिलों में कोविड-19 से होने वाली मौतों की दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है और केंद्र की तरफ से इन जिलों को सलाह दी गई है कि वे कम जांच और जांच नतीजों में देरी जैसी समस्याओं को दूर करें और मरीजों को समय पर अस्पताल में भर्ती कराना सुनिश्चित करें।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ अगस्त आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 13 जिलों में कोविड-19 से होने वाली मौतों की दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है और केंद्र की तरफ से इन जिलों को सलाह दी गई है कि वे कम जांच और जांच नतीजों में देरी जैसी समस्याओं को दूर करें और मरीजों को समय पर अस्पताल में भर्ती कराना सुनिश्चित करें।

कुछ इलाकों में अस्पताल में भर्ती कराए जाने के 48 घंटे के अंदर ही मरीजों की मौत हो जाने की खबरों के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने जिलों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोविड-19 मरीजों को समय पर अस्पताल में भर्ती करने के लिये संदर्भित किया जाए और वह भर्ती भी हों।

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मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय डिजिटल बैठक में आठ राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि एंबुलेंस उपलब्ध हों और कोविड-19 मरीजों के लिये एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराने वालों के खिलाफ ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति’ अपनाई जाए।

मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कोविड-19 के सामूहिक प्रबंधन की समीक्षा और उन्हें निर्देशित करने के केंद्र सरकार के प्रयासों के तहत भूषण द्वारा सात और आठ अगस्त को दो उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा मृत्यु-दर वाले जिलों को परामर्श देने के साथ ही मृत्युदर कम करने के उनके प्रयासों में उनकी हरसंभव मदद पर भी चर्चा हुई।

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शनिवार को हुई बैठक आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 13 जिलों पर केंद्रित थी। यह हैं असम में कामरूप मेट्रो, बिहार में पटना, झारखंड में रांची, केरल में अलाप्पुझा और तिरुवनंतपुरम, ओडिशा में गंजम, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना, हुगली, हावड़ा, कोलकाता, व मालदा और दिल्ली।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, “भारत में कुल उपचाराधीन मरीजों में से करीब नौ प्रतिशत इन्हीं जिलों से हैं और कोविड-19 से होने वाली मौतों में इन जिलों का प्रतिशत करीब 14 है। प्रति दस लाख की आबादी पर यहां जांच भी कम है जबकि मरीजों के मिलने का प्रतिशत ज्यादा है।”

मंत्रालय ने कहा, “चार जिलों – असम में कामरूप मेट्रो, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, केरल में तिरुवनंतपुरम और अलप्पुझा- में रोजाना नए मामलों की संख्या में तेजी देखने को मिली है।”

इन डिजिटल बैठकों में आठ राज्यों के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य), प्रबंध निदेशक (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अलावा जिला निगरानी अधिकारी, जिलाधिकारी, नगर निगमों के आयुक्त, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा अधीक्षक शामिल हुए।

इस दौरान मृत्युदर घटाने के लिये कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

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