अमरावती, चार दिसंबर आंध्रप्रदेश विधानसभा के शीत सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को सदन की कार्यवाही में अवरोध डालने पर तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के 10 विधायकों को निलंबित कर दिया गया। विधायकों पर लगातार पांचवे दिन यह कार्रवाई की गई।
विधायकों के निलंबन के विरोध में तेदेपा के नेता एन चंद्रबाबू नायडू समेत पार्टी के दूसरे सदस्यों ने विधानसभा से बहिर्गमन किया।
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तेदेपा ने एमजीएनआरईजीपी के तहत लंबित भुगतान के मामले में कार्य स्थगन प्रस्ताव के लिए एक नोटिस दिया और तुरंत चर्चा कराने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष टी सीताराम ने प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया।
तेदेपा सदस्यों ने एनआरईजीपी के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए जोर दिया क्योंकि लाखों कामगारों को पिछले एक साल से ज्यादा समय से वेतन का भगुतान नहीं किया गया है। सदस्य आसन के पास जाकर नारेबाजी करने लगे।
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अध्यक्ष ने कहा, ‘‘आप हर दिन सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं । मुझे आपको निलंबित करते हुए दुख हो रहा है, लेकिन मेरे पास और कोई विकल्प नहीं है।’’
इसके बाद सूचना मंत्री पेरनी वेंकटरमैया ने विपक्षी सदस्यों के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया और इसे ध्वनि मत से मंजूर कर लिया गया।
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