नयी दिल्ली, 17 जुलाई पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब तक 1.54 लाख रेहड़ी-पटरी या खोमचा लगाने वालों ने कर्ज के लिए आवेदन किया है। यह एक विशेष सूक्ष्म ऋण योजना है। इसके तहत रेहड़ी-पटरी वालों को 10,000 रुपये का सस्ता कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान में कहा कि 1.54 लाख ऋण आवेदनों में से 48,000 रेहड़ी-पटरी वालों को कर्ज मंजूर कर दिया गया है।
मंत्रालय ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना की शुरुआत एक जून को की थी। इस योजना का मकसद कोविड-19 की मार से प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों
को अपनी आजीविका फिर शुरू करने के लिए सस्ता कर्ज उपलब्ध कराना है।
इस योजना का लाभ इस साल 24 मार्च या उससे पहले रेहड़ी-पटरी लगाने वाले 50 लाख लोगों को मिलेगा। शहरी क्षेत्र, उसके दूरदराज क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इस योजना का लाभ उठा पाएंगे।
इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी लगाने वाले लोग 10,000 रुपये तक का ऋण ले सकते हैं। यह कर्ज उन्हें एक साल में मासिक किस्तों में लौटाना होगा।
इस बीच, आवास एवं शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने शुक्रवार को इस योजना के लिए एक मोबाइल ऐप की शुरुआत की। इस ऐप के जरिये ऋण प्रदान करने वाले संस्थान योजना के तहत आने वाले आवेदनों का प्रसंस्करण कर सकते हैं।
मंत्रालय ने इससे पहले 29 जून को इस योजना के लिए वेब पोर्टल शुरू किया था।
अजय
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