देश की खबरें | हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ बैठक काम की समीक्षा के लिए थी: कांगड़ा के दो विधायकों ने कहा
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शिमला, 12 जून हिमाचल प्रदेश में भाजपा के एक वरिष्ठ विधायक के इस आरोप के बाद कि राज्य में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है, कांगड़ा जिले से सत्तारूढ़ पार्टी के दो विधाायकों ने शुक्रवार को आरोप को संबंधित विधायक का निजी विचार करार दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने हालांकि कहा कि इससे प्रतीत होता है कि वरिष्ठ भाजपा विधायक घुटन महसूस कर रहे हैं।

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शिमला (ग्रामीण) से विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस के महासचिव विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक के बयान से साबित होता है कि सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ यहां बृहस्पतिवार को कांगड़ा के भाजपा विधायकों की बैठक के बाद ज्वालामुखी से विधायक रमेशचंद धवाला ने आरोप लगाया था कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की इच्छाओं के अनुरूप कार्य नहीं किए जा रहे हैं।

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नूरपुर से भाजपा विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बृहस्पतिवार को हुई कांगड़ा के विधायकों की बैठक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए एक प्रशासनिक बैठक थी।

उन्होंने कहा कि बैठक में कांगड़ा के किसी भी विधायक ने संगठन (भाजपा) के खिलाफ कुछ नहीं बोला।

भाजपा से अन्य विधायक रिता धीमान ने भी शुक्रवार को यहां बयान जारी कर अपने विचार व्यक्त किए।

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