किन्नौर, नौ जून हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री रामलाल मार्कंडा को मंगलवार को लाहौल स्पीति जिले के उपमंडल मुख्यालय काजा में आदिवासी महिलाओं ने प्रवेश नहीं करने दिया।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि मंत्री कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए स्थानीय निवासियों द्वारा लागू किए गए पृथक-वास नियमों का, उल्लंघन कर रहे थे।
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नाराज महिलाओं ने काजा सर्किट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की जिससे मार्कंडा को पास के किन्नौर जिले की तरफ लौटना पड़ा।
मार्कंडा लाहौल स्पीति से विधायक भी हैं।
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महिला मंडल, काजा की अध्यक्ष डोलमा देवी ने कहा कि स्थानीय निवासियों ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लागू होने से काफी समय पहले क्षेत्र में कड़े पृथक-वास नियम लागू कर दिए थे।
उन्होंने कहा कि इन नियमों के अनुसार, केवल स्थानीय लोगों को ही काजा में प्रवेश की अनुमति है।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि राज्य के अन्य हिस्सों से आ रहे लोगों को 14 दिन के पृथक-वास में जाना होगा और मंत्री नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
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