देश की खबरें | मदुरै माकपा के लाल झंडों से पटा, शहर में तीसरी बार पार्टी सम्मेलन का किया जा रहा आयोजन

मदुरै, दो अप्रैल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) तमिलनाडु के मदुरै में अपना 24वां सम्मेलन (कांग्रेस) आयोजित कर रही है।

तमिलनाडु की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विख्यात मदुरै इससे पहले भी वाम दल के सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है।

मदुरै ने 1953 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के तीसरे सम्मेलन की मेजबानी की थी।

वर्ष 1964 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) में विभाजन के परिणामस्वरूप माकपा का गठन हुआ और इसका नौवां सम्मेलन भी 1972 में मदुरै में ही आयोजित किया गया था।

पूरे देश से आए प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए शहर में माकपा के हंसिया-हथौड़े वाले झंडे और कार्ल मार्क्स, फ्रेडरिक एंगेल्स, वी आई लेनिन और जोसेफ स्टालिन जैसे वामपंथी नेताओं के बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं। सम्मेलन के आयोजन स्थल थमुक्कम मैदान में पहले भी वामपंथी पार्टी की बैठकें हो चुकी हैं।

माकपा के अंतरिम समन्वयक प्रकाश करात ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सम्मेलन में भाग लेने वाले पांच प्रतिनिधियों केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार, वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस, एस रामचंद्रन पिल्लई और एन. राम ने 1972 के सम्मेलन में भी हिस्सा लिया था।

करात ने कहा, ‘‘सम्मेलन कम्युनिस्ट पार्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण और शीर्ष मंच है। इसलिए, यह उचित है कि हम इस सम्मेलन का आयोजन मदुरै में कर रहे हैं, जो प्राचीन तमिल साहित्य और संस्कृति के मूल्यों से संपन्न शहर है और मजदूर वर्ग व वामपंथी आंदोलन के आठ दशकों से अधिक समय के इतिहास को सामंजस्यपूर्ण ढंग से जोड़ता है।’’

उन्होंने पी. राममूर्ति, के टी के तंगमणि, एन शंकरैया और के. पी. जानकी अम्मल जैसे नेताओं के प्रयासों को याद किया और कहा कि उन्होंने मदुरै और तमिलनाडु में पार्टी के विकास में विशिष्ट योगदान दिया।

बोस ने मदुरै में पहले आयोजित पार्टी के सम्मेलन को याद किया।

उन्होंने कहा, ‘‘1953 में, कामरेडों के मन में यह राजनीतिक प्रश्न उठने लगे थे कि किस दिशा में काम करना है। पार्टी का कार्यक्रम तय नहीं था। जब (1964) में सातवां सम्मेलन हुआ, तब पार्टी संगठन के विकास, पार्टी रुख को लागू करने के तरीकों और पार्टी की कार्यक्रम संबंधी समझ के बारे में चर्चा हुई।”

उन्होंने कहा, ‘‘मदुरै में 24वीं पार्टी कांग्रेस ऐसे समय में हो रही है, जब अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति बहुत नाजुक है। दक्षिणपंथी... कॉर्पोरेट गठजोड़ और उनकी योजनाएं आगे बढ़ रही हैं। इस समय, हमें क्या करना है, कैसे करना है और हम अपनी पार्टी को कैसे सही ढंग से बना सकते हैं और मजबूत कर सकते हैं, इन सब पर सम्मेलन में चर्चा की जाएगी।’’

माकपा की केंद्रीय समिति तीन साल में एक बार अखिल भारतीय पार्टी कांग्रेस आयोजित करती है। बुधवार को शुरू हुई यह बैठक छह अप्रैल को समाप्त होगी।

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