नयी दिल्ली, 16 जुलाई नागर विमानन मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी के साथ द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए समझौता किया है और जल्द ही ब्रिटेन के साथ भी उड़ानें शुरू करने संबंधी समझौता होगा।
नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस समझौते के तहत फिलहाल 18 जुलाई से एक अगस्त के बीच एयर फ्रांस पेरिस से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के लिए 28 उड़ानों का संचालन करेगा।
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उन्होंने बताया कि अमेरिकी विमानन सेवा यूनाइटेड एयरलाइंस 17 से 31 जुलाई तक भारत और अमेरिका के बीच 18 उड़ानें संचालित करेगी।
पुरी ने कहा, ‘‘वह (यूनाइटेड एयरलाइंस) दिल्ली और नेवार्क के बीच रोज जबकि दिल्ली और सैन फ्रांसिस्को के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें संचालित करेगा।’’
केन्द्रीय मंत्री ने आज कहा कि ब्रिटेन के साथ भी भारत ऐसा ही समझौता करना चाहता है, जिसके बाद दिल्ली-लंदन के बीच रोज दो उड़ानें संचालित होंगी।
पुरी ने कहा, ‘‘हमें जर्मनी से भी अनुरोध मिला है। मुझे लगता है कि लुफ्थांसा के साथ समझौता लगभग हो गया है... हम उसके अनुरोध को अनुमति देने की प्रक्रिया में हैं।’’
बाद में मंत्रालय ने एक बयान जारी किया कि ‘‘अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए समझौता हो गया है.... लुफ्थांसा भी उड़ानें संचालित करेगा।’’
बयान में कहा गया है, ‘‘ब्रिटेन के साथ उड़ानों को लेकर समझौता काफी आगे बढ़ चुका है।’’
समझौते के तहत भारत से एअर इंडिया के विमान फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका के लिए उड़ान भरेंगे।
यह दो देशों के बीच ऐसी द्विपक्षीय व्यवस्था है, जिसके तहत दोनों देशों की विमानन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित कर सकती हैं।
पुरी ने कहा, ‘‘हमारे पास अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बहुत मांग आ रही है, लेकिन हमें सावधान रहना होगा। हमें उतनी ही उड़ानों को अनुमति देनी होगी, जिनका हम आसानी से प्रबंधन कर सकते हैं।’’
कोरोना वायरस महामारी के कारण भारत में सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 23 मार्च को स्थगित हैं।
पुरी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमारा मानना है कि इस साल दिवाली तक भारत में घरेलू उड़ानों का परिचालन कोविड से पहले के 55-60 प्रतिशत तक होने लगेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सोचा था कि 15 जुलाई तक हम 33 प्रतिशत घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू कर सकेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।’’
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों ने प्रबंधन क्षमता के आधार पर उनके हवाईअड्डे से संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या तय कर दी है, लेकिन आशा है कि दो-तीन सप्ताह में इसमें बदलाव आएगा।
पुरी ने कहा कि एक बार 50-55 प्रतिशत घरेलू उड़ानें संचालित होने लगें फिर सरकार को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करने का विश्वास मिलेगा।
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