देश की खबरें | टिड्डी हमला: एनजीटी ने केन्द्र की आकस्मिक योजना को लागू करने संबंधी याचिका खारिज की

नयी दिल्ली, आठ जुलाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने टिड्डियों के हमले का मुकाबला करने के लिए केन्द्र की आकस्मिक योजना को लागू करने के अनुरोध वाली एक नयी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसमें ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह दिखाता हो कि संबंधित अधिकारियों ने अपर्याप्त कदम उठाए।

हरित अधिकरण ने कहा कि याचिका जून में दाखिल की गई याचिका जैसी है और इसमें केवल यह जोड़ा गया है कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन की अनदेखी की गई है।

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एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि एक आकस्मिक योजना पहले ही मौजूद है।

पीठ ने कहा,‘‘यह सार्वजनिक है कि अनेक कदम उठाए गए हैं। कुछ राज्यों ने ड्रोन अथवा हेलीकॉप्टर मुहैया कराए हैं। साथ ही अन्य कदम भी उठाए हैं। याचिकाकर्ता ने यह नहीं बताया है कि ये कदम कैसे अपर्याप्त हैं। हमें इस याचिका पर सुनवाई करने के कोई कारण नहीं दिखाई देते ।’’

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एनजीटी ने एक जून को एनजीओ ‘सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ एंड एनवॉयरमेंटल लिटिगेशन फाउंडेशन’ द्वारा दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था और उसे संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने को कहा था।

अधिकरण ने अपने आदेश में कहा था ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह दिखा सके कि इस मामले में संबंधित अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

एनजीओ के अनुसार उसने अभ्यावेदन दायर किया था लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और उसने अधिकरण के समक्ष एक नया आवेदन दिया है।

वकील गौरव बंसल के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया था कि आकस्मिक योजना होने के बावजूद, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्य फरवरी से टिड्डियों के हमले का सामना कर रहे हैं और कुछ क्षेत्रों में स्थिति खराब हो रही है।

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