इस सड़क के पूरा होने और इस पर यातायात शुरू होने के बाद मानसरोवर यात्रा काफी सुविधाजनक हो जाएगी।
आठ मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा कमीशन किए जाने के बाद इसका आधिकारिक ट्रायल लेने गए धारचूला के उपजिलाधिकारी ए के शुक्ला ने कहा कि अभी कई जगहों पर मानक के अनुरुप सड़क को 12 मीटर चौड़ा करने और दो पुलों के निर्माण का काम चल रहा है।
शुक्ला ने कहा, ‘‘अगर दोनों पुलों के निर्माण की गति अच्छी रहती है तो भी यह सड़क सार्वजनिक यातायात का पूरा भार एक साल के बाद ही उठा पाएगी।’’
इस मार्ग पर मालपा में 150 फीट और बूंदी में 100 फीट लंबे दो बेली ब्रिज बनाए जाने हैं।
अधिकारी ने कहा कि यद्यपि इस वर्ष की कैलाश मानसरोवर यात्रा पर अभी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं लेकिन यात्रा होने की स्थिति में भी तीर्थयात्रियों को लिपुलेख दर्रे तक ले जाने के लिए इस सड़क का उपयोग नहीं हो सकेगा।
अधिकारी ने कहा कि कई जगह सड़क बहुत संकरी है और ट्रायल के दौरान उन्हें कम से कम चार जगहों पर वाहन से उतरना पड़ा।
हालांकि, ऐसे विषम भौगोलिक क्षेत्र में कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाने में सीमा सड़क संगठन :बीआरओ: के इंजीनियरों की भूमिका की उन्होंने जी खोल कर तारीफ की।
सं दीप्ति अर्पणा
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