Nepal Student Protest: नेपाल की राजधानी काठमांडू (Kathmandu Protest) में आज हजारों युवाओं ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. सोशल मीडिया बैन के खिलाफ गुस्साए Gen-Z प्रदर्शनकारी नेपाल की संसद में घुस गए. इस दौरान पुलिस फायरिंग से कई लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया. दरअसल, नेपाल सरकार (Nepal Government) ने शुक्रवार से 26 अनरजिस्टर्ड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ब्लॉक (26 Social Media Apps Ban) कर दिया था. इसमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इसके चलते लाखों यूजर्स अचानक इन प्लेटफॉर्म से डिस्कनेक्ट हो गए.
लोग इन साइट्स का इस्तेमाल पढ़ाई, समाचार, मनोरंजन और व्यापार के लिए करते थे. यही वजह है कि इस अचानक प्रतिबंध से गुस्सा और भ्रम दोनों फैल गए.
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नेपाल की संसद में घुसे प्रदर्शनकारी
नेपाल में हालात बेकाबू। युवा सड़कों पर।सरकार पर आरोप,वाह उनकी आवाज दबानी चाहती है। करप्ट है।सेना सड़कों पर। प्रोटेस्ट में कई युवा घायल! pic.twitter.com/sbElj06D1i
— Narendra Nath Mishra (@iamnarendranath) September 8, 2025
छात्रों ने सरकार को दी चेतावनी
प्रदर्शनकारी युवाओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर राष्ट्रगान गाया और फिर सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे. एक छात्र ने कहा कि "सोशल मीडिया पर प्रतिबंध ने हमें सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया, लेकिन हमारी लड़ाई सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है. हम नेपाल में संस्थागत रूप से पनप रही भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ हैं."एक अन्य छात्र ने कहा कि सरकार का "तानाशाही रवैया" अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हमारी पीढ़ी बदलाव चाहती है. पिछली पीढ़ियों ने कष्ट झेले हैं, लेकिन अब हमें इसे खत्म करना होगा."
दिलचस्प बात यह है कि नेपाल में अभी भी टिकटॉक चल रहा है. इस पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो आम लोगों की मुश्किल जिंदगी और नेताओं के बच्चों की आलीशान जिंदगी के बीच का फर्क साफ दिखाते हैं.
सोशल मीडिया Apps बैन करने का कारण?
सरकार का कहना है कि यह प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है, क्योंकि कंपनियों को नेपाल में पंजीकरण (Unregistered Social Media Sites) कराना होगा. इसके साथ ही एक स्थानीय कार्यालय व शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करना होगा. सरकार ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट (Nepal Suprim Court) के पुराने आदेश के बाद उठाया है.
हालांकि, यह भी सच है कि नेपाल में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने का इतिहास रहा है. इससे पहले, टेलीग्राम (Telegram) और टिकटॉक (TikTok) को भी अस्थायी रूप से बंद किया जा चुका है.













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