Who is Sanae Takaichi: जापान की संसद ने साने ताकाहिची (Sanae Takaichi) को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री चुनकर इतिहास रच दिया है. वह एक शाही समारोह से लौटने के बाद औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगी. चीन (China) के प्रति अपने कड़े रुख और सामाजिक रूप से रूढ़िवादी विचारों के लिए जानी जाने वाली साने ताकाहिची (Sanae Takaichi First female PM of Japan) ने आखिरी समय में गठबंधन के जरिए सत्ता हासिल की.
वह जापान की लगातार पांचवीं प्रधानमंत्री बनीं और देश के लिए कई चुनौतियों का सामना करेंगी, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की आगामी यात्रा भी शामिल है.
जापान की पहली महिला PM बनीं Sanae Takaichi
JUST IN: Japan's parliament elects Sanae Takaichi as the country's first female prime minister pic.twitter.com/PvABFMKszQ
— BNO News (@BNONews) October 21, 2025
Takaichi का राजनीतिक करियर
ताकाहिची इससे पहले 4 अक्टूबर को लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की अध्यक्ष थीं, जिसने दशकों तक जापान पर शासन किया है, लेकिन हाल के चुनावों में इसकी लोकप्रियता में गिरावट आई है. हालांकि, कोमेइतो पार्टी (Komeito Party) ने अपने रूढ़िवादी विचारों और एलडीपी घोटाले के कारण छह दिन बाद गठबंधन से हटने का फैसला किया.
ताकाहिची ने बाद में सुधारवादी और दक्षिणपंथी विचारों वाली जापान इनोवेशन पार्टी (JIP) के साथ एक नया गठबंधन बनाया. जेआईपी की मांगों में खाद्य पदार्थों पर उपभोग कर को समाप्त करना, कॉर्पोरेट और संगठनात्मक दान पर प्रतिबंध लगाना और सांसदों की संख्या कम करना शामिल है.
Takaichi के लिए क्या चुनौतियां होंगी?
ताकाहिची ने कहा कि उनका लक्ष्य "जापान की अर्थव्यवस्था (Economy of Japan) को मजबूत करना और देश को भावी पीढ़ियों के लिए जिम्मेदार बनाना" है. उन्होंने यह भी वादा किया कि उनके मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की संख्या नॉर्डिक देशों के बराबर होगी, जो पूर्व प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा (Shigeru Ishiba) के समय केवल दो थी.
हालांकि ताकाहिची महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों और मातृत्व से जुड़ी चुनौतियों को समझते हैं, लेकिन वे 19वीं सदी के उस कानून को बदलने के पक्ष में नहीं हैं जो विवाहित जोड़ों के लिए एक ही उपनाम रखने और शाही परिवार में पुरुष उत्तराधिकार को अनिवार्य बनाता है.
जापान की घटती जनसंख्या भी होगा मुद्दा
सना ताकाहिची की सरकार को जापान की घटती जनसंख्या (Japan Population), धीमी होती अर्थव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समझौतों से निपटना होगा. अमेरिका के साथ व्यापार समझौता, रूस से ऊर्जा आयात रोकना और रक्षा खर्च बढ़ाना भी उनके एजेंडे में है.













QuickLY