सैलानियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग क्या चाहते हैं
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

स्पेन के कैनरी आइलैंड के निवासी पर्यटकों की बढ़ती संख्या से तंग आकर सड़कों पर निकल आए. बढ़ता किराया और पर्यावरण को होता नुकसान आज स्थानीय लोगों के लिए आज एक अहम मुद्दा है.स्पेन के कैनरी आइलैंड में पर्यटकों के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर निकल आए. इन लोगों की मांग है कि हर साल यहां आने वाले सैलानियों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाई जाए. इसके साथ ही पर्यटन से जुड़ी नीतियों में बदलाव करने की भी मांग रखी गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि मौजूदा पर्यटन नीतियां ऐसे आर्थिक मॉडल को बढ़ावा दे रही हैं जो उन्हें नुकसान पहुंचा रही हैं.

कैनरी आइडलैंड के लोगों के समर्थन में मैड्रिड और बार्सिलोना में भी लोगों ने मार्च निकाले. पुलिस के मुताबिक इस प्रदर्शन में 20,000 लोग शामिल थे. हालांकि आयोजकों ने प्रदर्शन में 50,000 लोगों के पहुंचने का दावा किया. कैनरी में अब कई जगहों पर पर्यटन के खिलाफ ग्रैफिटी नजर आ रहे हैं.

पर्यटन के कारण बढ़ता किराया

पर्यटन के कारण कैनरी आइलैंड में आम लोगों के लिए किराया महंगा होता जा रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में पर्यटक कम समय के लिए जगह किराए पर लेते हैं. बढ़ते पर्यटन के कारण इस इलाके में होटलों का निर्माण भी लगातार जारी है. नतीजतन आम लोगों को भी अधिक किराया देना पड़ रहा है.

इसलिए वहां के लोगों की मांग है कि स्थानीय प्रशासन पर्यटकों की बढ़ती संख्या पर आंशिक रूप से लगाम लगाए. साथ ही वहां के लोगों ने विदेशियों के प्रॉपर्टी खरीदने पर भी रोक लगाने की मांग रखी है. बाहरी लोग बड़ी संख्या में यहां अब छुट्टियां बिताने के लिए घर खरीदने लगे हैं जिससे आम लोगों के लिए यहां घर महंगा हो गया है.

पर्यटन मॉडल के खिलाफ है लोगों का प्रदर्शन

समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि प्रशासन को इस मौजूदा "भ्रष्ट और विनाशकारी मॉडल" पर तुरंत रोक लगानी चाहिए जो यहां के संसाधनों को नुकसान पहुंचा रहा है. उका यह भी कहना था कि इसके साथ ही आर्थिक चुनौतियां भी बढ़ रही हैं. दूसरे प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम पर्यटकों के खिलाफ कोई संदेश नहीं दे रहे हैं बल्कि उस पर्यटन मॉडल के खिलाफ हैं, जिससे इस जगह को कोई फायदा नहीं हो रहा है. इसे बदले जाने की जरूरत है.”

आइलैंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है पर्यटन

हर साल दुनियाभर से लाखों पर्यटक कैनरी आइलैंड घूमने आते हैं. यहां की जीडीपी में पर्यटन की हिस्सेदारी करीब 35 फीसदी है. वहीं, 40 फीसदी नौकरियां भी इसी क्षेत्र में हैं. सिर्फ 2023 में एक करोड़ चालीख लाख पर्यटक यहां आए थे. ज्यादातर लोग यहां जर्मनी, ब्रिटेन और नीदरलैंड्स जैसे देशों से आते हैं. स्पेन के अलग अलग हिस्सों से भी करीब 20 लाख पर्यटक यहां पिछले साल आए थे.

2022 में सिर्फ पर्यटन से कैनरी आइलैंड ने 16.9 अरब यूरो की कमाई की थी. इसलिए पर्यटन पर यहां की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा आज पूरी तरह निर्भर हो चुका है.

गरीबी की ओर धकेले जा रहे स्थानीय नागरिक

प्रदर्शन में शामिल लोगों के लिए पर्यटन के कारण बढ़ता किराया एक मुख्य मुद्दा था. स्थानीय मीडिया के मुताबिक पिछले दस सालों में कैनरी आइलैंड में किराया 85 फीसदी तक बढ़ चुका है लेकिन लोगों की आमदनी सिर्फ 6 फीसदी ही बढ़ी है.

पर्यावरण पर काम करने वाले समूह इकोलॉजिस्ट्स इन ऐक्शन की एक रिपोर्ट के मुताबिक कैनरी आइलैंड में रहने वाले 34 फीसदी स्थानीय लोग गरीबी की ओर धकेले जा रहे हैं. यह इलाका स्पेन का दूसरा सबसे गरीब इलाका भी माना जाता है. यहां पर अधिकतर लोगों के लिए किराया देना सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है.

आलीशान होटलों के निर्माण से नाराज लोग

जहां एक ओर लोग रहने के लिए जगह का बंदोबस्त नहीं कर पा रहे वहीं दूसरी तरफ यहां पर आलीशान होटलों का निर्माण लगातार जारी है. दक्षिण तेनेरेफ में बन रहे दो लग्जरी होटलों के खिलाफ कैनरी सोल्ड आउट कलेक्टिव के कई सदस्य अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी कर रहे हैं.

यहां के अध्यक्ष फरनैंडो क्लाविहो ने कहा, "मुझे गर्व है कि कैनरी स्पेन में पर्यटन का सबसे बड़ा आकर्षण केंद्र है लेकिन मैं इस बात को भी मानता हूं कि यह सेक्टर आगे बढ़ता जा रहा है इसलिए कुछ रोक जरूरी है. हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते वरना ऐसे ही बिना किसी रोक टोक के और होटल खुलते जाएंगे.”

पर्यावरण को होता नुकसान भी एक मुद्दा

बेतहाशा बढ़ते किराये के साथ साथ स्थानीय लोग पर्यटन के कारण पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर भी परेशान हैं. लोगों का कहना है कि कैनरी आइलैंड के संसाधन सीमित हैं, लेकिन यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या की कोई सीमा नहीं रह गई है. इसलिए प्रदर्शनकारियों की यह भी मांग है कि यहां आने वाले पर्यटकों से इको टैक्स वसूला जाए.

स्थानीय प्रशासन पर्यटन से आम लोगों के जीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित जरूर है. उम्मीद की जा रही है कि इस साल यहां कम समय के लिए किराये से संबंधित नये और कड़े नियम लाए जाएंगे जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिल सके.

आरआर/एनआर(रॉयटर्स)