अफगानिस्तान-पाकिस्तान में बढ़ा तनाव, तालिबान ने पाक रक्षा मंत्री और ISI चीफ को वीजा देने से किया इनकार

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया सीमा विवाद के बीच दोनों देशों के रिश्तों में एक और बड़ी दरार आ गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif), ISI चीफ आसिम मलिक (Asim Mailk) और दो अन्य पाकिस्तानी जनरलों को वीजा देने से इनकार कर दिया है.

Taliban Denies Visa to Pakistan Ministers | X

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया सीमा विवाद के बीच दोनों देशों के रिश्तों में एक और बड़ी दरार आ गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif), ISI चीफ आसिम मलिक (Asim Mailk) और दो अन्य पाकिस्तानी जनरलों को वीजा देने से इनकार कर दिया है. यह फैसला तीन बार वीजा आवेदन अस्वीकार करने के बाद आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और अन्य अधिकारियों के वीजा आवेदन तीन बार खारिज किए गए. हालांकि, पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तालिबान के इस दावे से इनकार किया है. उनका कहना है कि वीजा आवेदन दिया ही नहीं गया था, बल्कि केवल एक ‘विजिट प्रपोजल’ भेजा गया था.

सीमा पर हिंसक झड़पों से बढ़ा तनाव

दोनों देशों के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया जब वीकेंड में सीमा पर हुई गोलीबारी में दर्जनों सैनिक मारे गए. यह 2021 में तालिबान (Taliban) के सत्ता में आने के बाद से अब तक का सबसे गंभीर टकराव बताया जा रहा है. हालांकि फिलहाल गोलीबारी रुक चुकी है, लेकिन हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं.

शनिवार देर रात तालिबान फोर्स ने 2,600 किमी लंबी सीमा पर पाकिस्तानी चौकियों पर हमला किया, जिसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने भी जोरदार पलटवार किया. इस गोलीबारी और ड्रोन हमलों में पाकिस्तान के 23 सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि तालिबान ने अपने नौ लड़ाकों के मारे जाने की बात कही. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है.

झड़प की वजह क्या थी?

मामला तब भड़का जब पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर एयर स्ट्राइक की. यह हमला पाकिस्तानी तालिबान के एक टॉप कमांडर को निशाना बनाकर किया गया था. तालिबान का कहना है कि शनिवार को की गई उसकी जवाबी कार्रवाई इस एयर स्ट्राइक और “अफगानी हवाई क्षेत्र के उल्लंघन” के खिलाफ थी.

रिश्तों में गहराता संकट

यह टकराव दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को और बढ़ा रहा है. अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान ने कई बार शांति की कोशिशें की हैं, लेकिन सीमा पर लगातार होने वाली हिंसक झड़पों और आतंकवादी गतिविधियों ने रिश्तों को सुधारने के प्रयासों को कमजोर कर दिया है.

Share Now

\