पाकिस्तान अफगानिस्तान बॉर्डर पर फिर टेंशन, पांच पाक सैनिक और 25 आतंकवादी ढेर; क्या विफल हो गई 'इस्तांबुल शांति वार्ता'?
Pakistan-Afghan Border Clashes (Photo- @OfficialDGISPR/X)

Pakistan-Afghan Border Clashes: पाकिस्तान-अफगान सीमा पर रविवार को फिर से हिंसक झड़पें हुईं. पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) के मुताबिक, इस संघर्ष में पांच पाक सैनिकों और 25 आतंकवादी मारे गए. ये हमले उस समय हुए जब दोनों देशों के अधिकारी हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते के तहत इस्तांबुल में शांति वार्ता (Istanbul Peace Talks) में लगे हुए थे. पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा, ISPR ने कहा कि ये हमले इस बात की पुष्टि करते हैं कि अफगान की अंतरिम सरकार सीमा की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है. इसके कारण ख्वारिज जैसे आतंकवादी समूह पाकिस्तान में घुसपैठ कर रहे हैं.

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5 पाक सैनिक और 25 आतंकवादी ढेर

पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान को दी धमकी

आईएसपीआर (ISPR) ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगान सरकार (Afghan Government) से लगातार सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करने और अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए होने से रोकने का आग्रह किया है, जैसा कि दोहा समझौते में निर्धारित है.पाकिस्तानी सेना का कहना है कि यह समय विवादास्पद है क्योंकि जब बातचीत चल रही थी, आतंकवादी घुसपैठ कर रहे थे, जिससे दोनों देशों के बीच विश्वास को चुनौती मिल रही थी.

इससे पहले, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Pakistani Defense Minister Khawaja Asif) ने चेतावनी दी थी कि अगर इस्तांबुल वार्ता विफल हो जाती है, तो पाकिस्तान अफगानिस्तान के खिलाफ "खुला युद्ध" छेड़ने के लिए मजबूर हो सकता है.

क्या विफल हो गई 'इस्तांबुल शांति वार्ता'?

इस्तांबुल में शांति वार्ता 18-19 अक्टूबर को दोहा में हुई वार्ता (Doha Peace Talks) के बाद हुई, जहां दोनों देश सीमा पर हुई भीषण झड़पों के बाद "तत्काल युद्धविराम (Ceasefire)" पर सहमत हुए थे. अक्टूबर में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई झड़पों को 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से सबसे भीषण माना जा रहा है.

मौजूदा स्थिति ने सीमा पर तनाव को और बढ़ा दिया है और शांति वार्ता की सफलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.