रूस के सुदूर पूर्वी कामचात्का प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का भूकंप आने के बाद जापान के होक्काइडो के तट पर विशाल लहरें देखी गईं.
रूस के सुदूर पूर्वी कामचात्का प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का भूकंप आने के बाद जापान के होक्काइडो के तट पर विशाल लहरें देखी गईं।#Russia #earthquake #Tsunami #Japan pic.twitter.com/Lf0iBxA5dy— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) July 30, 2025
हवाई के काहुलुई में 6.92 फीट ऊंची सुनामी लहर दर्ज की गई है.
BREAKING: Massive 6.92ft tsunami wave has just been recorded in Kahului, Hawaii— Insider Paper (@TheInsiderPaper) July 30, 2025
हवाई के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शुरुआती सुनामी लहरें कई फीट ऊंची थीं, लेकिन बाद में और भी बड़ी लहरें आ सकती हैं. चेतावनी आधिकारिक रूप से हटाए जाने तक खाली किए गए क्षेत्रों में वापस न जाएं.
BREAKING: Hawaii officials warn that initial tsunami waves were several feet high, but larger waves could follow. Do not return to evacuated areas until the warning is officially lifted— Insider Paper (@TheInsiderPaper) July 30, 2025
कुछ ही मिनटों में हवाई तट से टकराएंगी सुनामी की लहरें
BREAKING: Tsunami waves expected to strike Hawaii within minutes pic.twitter.com/6CnlZVfqit— Insider Paper (@TheInsiderPaper) July 30, 2025
सुनामी की शुरुआत अक्सर समुद्र के नीचे आने वाले एक शक्तिशाली भूकंप से होती है. हमारी धरती की सतह विशाल टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है, और जब ये प्लेटें समुद्र की तलहटी में एक-दूसरे से टकराकर अचानक ऊपर या नीचे खिसक जाती हैं, तो वे अपने ऊपर मौजूद पानी के एक विशाल हिस्से को भी धकेल देती हैं. कल्पना कीजिए जैसे किसी टब के पानी को नीचे से अचानक ऊपर उछाल दिया गया हो. समुद्र तल में यह अचानक होने वाला वर्टिकल यानी सीधा ऊर्ध्वाधर बदलाव ही सुनामी को जन्म देने वाली ऊर्जा का मुख्य स्रोत है.एक बार पैदा होने के बाद, ये लहरें गहरे समुद्र में एक हवाई जहाज की रफ़्तार से (लगभग 800 किलोमीटर प्रति घंटा) चारों दिशाओं में फैलती हैं. गहरे पानी में इनकी ऊंचाई ज़्यादा नहीं होती, इसलिए इन्हें पहचानना मुश्किल होता है. लेकिन जैसे ही ये लहरें किनारे के पास कम गहरे पानी में पहुँचती हैं, इनकी रफ़्तार कम हो जाती है और सारी ऊर्जा पानी को ऊपर की ओर उठाने लगती है. इससे लहरों की ऊंचाई बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है और वे पानी की एक विशाल दीवार का रूप लेकर तट से टकराती हैं, जिससे भारी तबाही होती है.
हवाई पहुंचा सुनामी! समुद्र में उठ रही ऊंची ऊंची लहरेंLIVE
रूस में आए शक्तिशाली भूकंप के कुछ घंटों बाद, अब तिब्बत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने यह जानकारी दी है. NCS के मुताबिक, बुधवार (30 जुलाई) को भारतीय समयानुसार सुबह 6:58 बजे तिब्बत में 4.3 की तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप निगरानी एजेंसी ने बताया कि भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी. यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब रूस में आए 8.8 तीव्रता के भूकंप ने जापान समेत कई देशों में सुनामी का बड़ा खतरा पैदा कर दिया है.
हवाई में सुनामी के खतरे को देखते हुए अमेरिकी कोस्ट गार्ड (U.S. Coast Guard) ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है. कोस्ट गार्ड ने हवाई राज्य के सभी बंदरगाहों पर मौजूद सभी व्यावसायिक जहाजों (Commercial Vessels) को तुरंत बंदरगाह खाली करने और खुले समुद्र में जाने का आदेश दिया है. यह आदेश जहाजों और बंदरगाह की संपत्ति को सुनामी की शक्तिशाली लहरों से होने वाले भारी नुकसान से बचाने के लिए जारी किया गया है. इस कदम से पता चलता है कि अमेरिकी अधिकारी सुनामी की चेतावनी को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं.
The U.S. Coast Guard has ordered all commercial vessels to evacuate all harbors in the State of Hawaii pic.twitter.com/e6kjVxw54z— BNO News Live (@BNODesk) July 30, 2025
सुनामी की चेतावनी का असर अब हवाई यातायात पर भी दिखने लगा है. कामचटका प्रायद्वीप के पास आए 8.7 तीव्रता के भूकंप के बाद हवाई के लिए जारी की गई सुनामी चेतावनी के कारण, कुछ एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों को हवाई से दूर दूसरे एयरपोर्ट पर भेजना (डायवर्ट करना) शुरू कर दिया है. हालांकि, अधिकारियों ने बताया है कि फिलहाल हवाई के सभी एयरपोर्ट खुले हैं और उनका संचालन जारी है.यह कदम एयरलाइंस द्वारा यात्रियों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक एहतियाती उपाय के तौर पर उठाया जा रहा है.
Some flights diverting away from Hawaii as Hawaii is now in a tsunami warning after a M8.7 earthquake near the Kamchatka Peninsula. Hawaiian airports are open at the moment. https://t.co/IYbaZV1VLc pic.twitter.com/6kP0GOFIGQ— Flightradar24 (@flightradar24) July 30, 2025
जापान से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है, जहां सुनामी की लहरों ने तट पर दस्तक दे दी है.पूर्वी जापान के चिबा प्रीफेक्चर (Chiba Prefecture) में मौजूद कुजूकुरी बीच (Kujūkuri Beach) पर सुनामी की लहरों को एक नदी में उलटी दिशा में तेजी से चढ़ते हुए देखा गया है.यह इस बात का साफ संकेत है कि सुनामी की ताकत नदी के सामान्य बहाव पर हावी हो गई है. इस घटना के वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं.अधिकारियों ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से लगातार ऊंचे स्थानों पर ही रहने और किसी भी तरह नीचे न आने की अपील की है.
🚨 Small tsunami waves were spotted surging upriver at Kujūkuri Beach in Chiba Prefecture, Eastern Japan. pic.twitter.com/t5iXWuBZeN— The World R🅰️nking (@worldranking_) July 30, 2025
Earthquake And Tsunami Hindi Live Update News: रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पास बुधवार सुबह 8.0 से ज़्यादा तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है. हालात की गंभीरता को देखते हुए हवाई के होनोलूलू शहर में सुनामी के सायरन बजने लगे हैं.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने बाद में भूकंप की तीव्रता 8.7 बताई है. इस भूकंप के कारण बड़ी लहरें उठी हैं, जिनसे भारी नुकसान की आशंका है.
अब तक के बड़े अपडेट्स
- जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने 3 मीटर (लगभग 10 फीट) तक ऊंची लहरों की चेतावनी दी है. यह भी कहा गया है कि उत्तरी तटीय इलाकों में अलर्ट के 30 मिनट के भीतर लहरें पहुंच सकती हैं.
- रूस के कामचटका के कुछ हिस्सों में 3 से 4 मीटर (10-13 फीट) ऊंची सुनामी देखी गई है. अधिकारियों ने लोगों से तटों से दूर जाने की अपील की है.
- अमेरिका के हवाई के लिए भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा है कि "हवाई के सभी द्वीपों के तटों पर नुकसान हो सकता है. जान-माल की रक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई करें."
- हवाई में पहली लहरों के स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे तक पहुंचने की उम्मीद है.
- रूस के सखालिन क्षेत्र के सेवेरो-कुरिल्स्क शहर में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया गया है.
- रूस की तास समाचार एजेंसी के अनुसार, भूकंप के झटके इतने तेज़ थे कि लोग बिना कोट और नंगे पैर ही अपने घरों से भाग गए. घरों में अलमारियां गिर गईं, शीशे टूट गए और गाड़ियां हिलने लगीं.
- कामचटका के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है और मोबाइल नेटवर्क में भी दिक्कतें आ रही हैं.
- अमेरिका के अलास्का में स्थित राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने कैलिफोर्निया, ओरेगन, वाशिंगटन और हवाई सहित अमेरिका के पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों के लिए भी सुनामी वॉच जारी किया है.
- जापान सरकार ने जानकारी इकट्ठा करने और संकट की स्थिति में प्रतिक्रिया देने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है.
- टोक्यो विश्वविद्यालय के एक भूकंप विज्ञानी ने बताया कि अगर भूकंप समुद्र में कम गहराई पर आता है, तो यह दूर होने के बावजूद जापान को प्रभावित करने वाली सुनामी पैदा कर सकता है. यह भूकंप ज़मीन से सिर्फ 19.3 किलोमीटर नीचे आया था.
- यह पूरा क्षेत्र प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ फायर" में आता है, जो भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए जाना जाता है.













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