डर का माहौल है! तालिबान की वजह से दहशत में पाकिस्तान, पेशावर से लाहौर तक 200 आतंकी हमले

पाकिस्तान में अफगानिस्तान की सीमा से लगे अपने कबायली इलाके में फिर से आतंकवाद का पुनरुत्थान देखा जा रहा है. जो अब पेशावर, लाहौर के साथ-साथ राजधानी इस्लामाबाद जैसे प्रमुख शहरों में भी फैल रहा है, जिससे यह देश के सुरक्षाबलों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण और खतरनाक इम्तहान बन गया है.

इस्लामाबाद, 30 सितंबर: पाकिस्तान में अफगानिस्तान की सीमा से लगे अपने कबायली इलाके में फिर से आतंकवाद का पुनरुत्थान देखा जा रहा है. जो अब पेशावर, लाहौर के साथ-साथ राजधानी इस्लामाबाद जैसे प्रमुख शहरों में भी फैल रहा है, जिससे यह देश के सुरक्षाबलों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण और खतरनाक इम्तहान बन गया है.

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) आतंकवादी समूह और इमरान खान के नेतृत्व में एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल के बीच अफगानिस्तान में तालिबान शासन की सुविधा के तहत काबुल में आयोजित वार्ता की विफलता के बाद, प्रतिबंधित संगठन ने आत्मघाती विस्फोटों, आईईडी विस्फोटों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों, सैन्य काफिले-चौकियों पर लक्षित हमलों और सुरक्षाकर्मियों की लक्षित हत्याओं जैसे घातक हमलों को अंजाम दिया है. Pakistan: इमरान खान ने भारत को 'बेचा' जम्‍मू-कश्‍मीर! पाकिस्‍तान के चुनावी मौसम में हिंदुस्तान का मुद्दा गरमाया

एक ताजा रिपोर्ट से पता चला है कि पाकिस्तान में टीटीपी और अन्य आतंकी समूहों द्वारा 200 से अधिक आतंकी हमले किए गए हैं.

एक थिंक टैंक ने एक रिपोर्ट में कहा, ''पाकिस्तान में अगस्त में आतंकवादी हमलों में तेज वृद्धि देखी गई. देश भर में 99 घटनाएं दर्ज की गईं, जुलाई की तुलना में आतंकवादी हमलों में 83 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, इस दौरान आतंकवादियों ने 54 हमले किए.''

इस महीने एक दिन में तीन बड़े हमले हुए, जिनमें से दो आत्मघाती विस्फोट थे, जिन्होंने एक धार्मिक जुलूस और एक मस्जिद को निशाना बनाया. बलूचिस्तान के मस्तुंग में शुक्रवार को धार्मिक जुलूस को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में 50 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक अन्य घायल हो गए थे.

रिपोर्ट किया गया है कुछ ही मिनटों के भीतर एक और हमला शुक्रवार की नमाज के दौरान खैबर पख्तूनख्वा के हंगू में एक मस्जिद में हुआ, जिसमें कम से कम पांच लोगों की जान चली गई और 12 अन्य घायल हो गए.

शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में टीटीपी आतंकवादियों ने उत्तरी पहाड़ी कलश सीमा घाटी में पाकिस्तानी सेना की दो चौकियों को निशाना बनाते हुए अफगानिस्तान से पाकिस्तान में प्रवेश करने की कोशिश की.

सीमा सुरक्षाबलों ने हमले को विफल कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप 4 सैनिक और 12 हमलावर मारे गए.

पाकिस्तान ने कहा है कि टीटीपी आतंकवादी अफगानिस्तान में सीमा पार सुरक्षित आवाजाही और बस्तियों का आनंद लेते हैं, उन्होंने काबुल में तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार से इस्लामाबाद को धमकी देने वाली संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान किया है.

विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज ज़हरा बलूच ने कहा कि आतंकवाद के खतरे ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को सतर्क कर दिया है क्योंकि वे खुफिया आधारित अभियानों (आईबीओ) के माध्यम से आतंकवादियों से निपटने तथा उन्हें बाहर निकालने एवं सीमा पार घुसपैठ के प्रयासों पर सतर्कता बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लिए दूसरी बड़ी चुनौती विभिन्न शाखाएं, उप-शाखाएं और अन्य आतंकवादी समूह हैं.

माना जाता है कि इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत (आईएस-केपी), बलूच लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ), जमातुल-अहरार (जेयूए), इस्लामिक स्टेट (आईएस) और अहरारुल-हिंद सभी आश्रय और योजना के लिए अफगान धरती का उपयोग कर रहे हैं.

आतंकी खतरे ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों को बिगाड़ने में भी अपनी भूमिका निभाई है क्योंकि काबुल में सरकार दावा करती है और वादा करती है कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं करने देगी.

पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान से जारी आतंकवादी हमले और सीमा घुसपैठ के प्रयास काबुल के दावे को खारिज करते हैं.

तेजी से बढ़ते आतंकी खतरे को देखते हुए पाकिस्तान ने भी देश में रह रहे अवैध अफगान शरणार्थियों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है. सरकार ने कम से कम 37 लाख अफगान शरणार्थियों में से 11 लाख को पाकिस्तान से वापस लाने का फैसला किया है.

देश में लगभग 13 लाख अफगान शरणार्थी पंजीकृत हैं, जबकि कम से कम 24 लाख अभी भी अवैध रूप से रहते हैं. पाकिस्तान दशकों से सबसे बड़ी संख्या में अफगान शरणार्थियों की मेजबानी कर रहा है.

यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि कार्यवाहक सरकार और सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर के तहत पाकिस्तान ने टीटीपी या किसी अन्य आतंकवादी समूहों के साथ कोई शांति वार्ता नहीं करने का फैसला किया है.

जनरल मुनीर ने पेशावर में एक भव्य जिरगा में कहा था कि टीटीपी के साथ बातचीत का कोई विकल्प नहीं है, उन्होंने कहा कि बातचीत केवल काबुल में तालिबान शासन के साथ होगी. लेकिन पाकिस्तान में आतंकवादी समूहों द्वारा बढ़ते हमलों के साथ, सुरक्षा चुनौती और अधिक तीव्र हो गई है और सुरक्षाबलों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बनी हुई है.

Share Now

संबंधित खबरें

RWP vs KRK, PSL 2026 10th Match Live Score Update: रावलपिंडी पिंडिज बनाम कराची किंग्स के बीच गद्दाफी स्टेडियम में खेला जा रहा है रोमांचक मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

RWP vs KRK, PSL 2026 10th Match Winner Prediction: रावलपिंडी पिंडिज बनाम कराची किंग्स के बीच आज होगी कांटे की टक्कर, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती हैं बाजी

RWP vs KRK, PSL 2026 10th Match Preview: लाहौर में आज रावलपिंडी पिंडिज बनाम कराची किंग्स के बीच होगा हाईवोल्टेज मुकाबला, मैच से पहले जानें हेड टू हेड, पिच रिपोर्ट समेत सारे डिटेल्स

RWP vs KRK, PSL 2026 10th Match Live Streaming In India: रावलपिंडी पिंडिज बनाम कराची किंग्स के बीच आज खेला जाएगा रोमांचक मुकाबला, यहां जानें कब, कहां और कैसे उठाएं मैच का लुफ्त