पाकिस्तान ने गठित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण के पहले अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त जनरल को किया नियुक्त
पाकिस्तान (Photo Credits: IANS)

पाकिस्तान (Pakistan) ने अरबों रुपये के गलियारा परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए अक्टूबर में गठित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण (China-Pakistan Economic Corridor Authority) के पहले अध्यक्ष के रूप में सेना के एक सेवानिवृत्त जनरल को नियुक्त किया है. सेना की मीडिया शाखा, इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (Inter Services Public Relations) के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट-जनरल (रिटायर्ड) असीम सलीम बाजवा को सीपीईसी प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

प्रधानमंत्री इमरान खान की बीजिंग यात्रा से पहले, अक्टूबर में राष्ट्रपति अध्यादेश के माध्यम से प्राधिकरण की स्थापना की गई थी, जिसके दौरान पाकिस्तान ने चीन को मेगा कॉरिडोर परियोजना को पूरा करने के लिए अपने दृढ़ संकल्प का आश्वासन दिया था. सीपीईसी प्राधिकरण का गठन परियोजना गतिविधियों के समन्वय, निगरानी, मूल्यांकन और कार्यान्वयन के लिए किया गया था.

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पूर्व डीजी आईएसपीआर, जिन्होंने दक्षिणी कमान के कमांडर रूप में भी कार्य किया है, को चार साल की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है. लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका ने सीपीईसी की आलोचना की है. लगभग दो महीने पहले, सीपीईसी पर एक संयुक्त संसदीय समिति ने राष्ट्रपति अध्यादेश के माध्यम से प्राधिकरण की स्थापना का विरोध किया था.

डॉन के मुताबिक, सीपीईसी प्राधिकरण को कथित तौर पर सीपीईसी गतिविधियों से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए तलब करने और ऐसा करने में विफल रहने वालों पर जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी सहित विपक्षी दलों ने पहले ही सीपीईसीए को खारिज कर दिया है और इसे एक संसदीय समिति की सिफारिशों का उल्लंघन करार दिया है. जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने भी मंगलवार को सीपीईसीए के गठन की आलोचना की और कहा कि सरकार कॉरिडोर परियोजना को विवादास्पद बना रही है.