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सिर्फ 42 कर्मचारी, अरबों की कमाई: OnlyFans बनी दुनिया की सबसे तगड़ी 'रेवेन्यू-एफिशिएंट' कंपनी, Apple, NVIDIA और Meta को चटाई धूल

एडल्ट कंटेंट प्लेटफॉर्म OnlyFans दुनिया की सबसे 'रेवेन्यू-एफिशिएंट' (कमाई में कुशल) कंपनी बन गई है. इसने NVIDIA और Apple जैसी दिग्गज कंपनियों को पछाड़ दिया है, क्योंकि यह अपने हर कर्मचारी पर $37.6 मिलियन कमाती है. कंपनी की सफलता का राज़ उसकी छोटी सी टीम और लाखों इंडिपेंडेंट कंटेंट क्रिएटर्स का बिज़नेस मॉडल है, जिनसे वह 20% कमीशन लेती है.

सिर्फ 42 कर्मचारी, अरबों की कमाई: OnlyFans बनी दुनिया की सबसे तगड़ी 'रेवेन्यू-एफिशिएंट' कंपनी, Apple, NVIDIA और Meta को चटाई धूल

OnlyFans World's Most Revenue-Efficient Company: एक ताज़ा रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है. एडल्ट कंटेंट के लिए मशहूर प्लेटफॉर्म OnlyFans दुनिया की सबसे 'रेवेन्यू-एफिशिएंट' कंपनी बन गई है. हैरानी की बात यह है कि इस मामले में उसने NVIDIA, Apple और Meta (फेसबुक) जैसी टेक्नोलॉजी की दुनिया की दिग्गज कंपनियों को मीलों पीछे छोड़ दिया है.

आसान भाषा में कहें तो OnlyFans अपने हर कर्मचारी (Employee) पर $37.6 मिलियन (करीब 314 करोड़ रुपये) का रेवेन्यू कमाती है.

बड़ी कंपनियाँ कहाँ खड़ी हैं?

एक फ़ाइनेंशियल फ़र्म Barchart के डेटा के मुताबिक, OnlyFans इस लिस्ट में पहले नंबर पर है. उसके और दूसरे नंबर की कंपनी के बीच ज़मीन-आसमान का फ़र्क है.

  • OnlyFans: हर कर्मचारी पर $37.6 मिलियन रेवेन्यू.
  • NVIDIA: हर कर्मचारी पर $3.6 मिलियन रेवेन्यू (दूसरे नंबर पर).
  • Apple: हर कर्मचारी पर $2.4 मिलियन रेवेन्यू.
  • Meta (फेसबुक): हर कर्मचारी पर $2.2 मिलियन रेवेन्यू.

'रेवेन्यू-एफिशिएंट' का मतलब क्या है?

इसका सीधा सा मतलब है कि कोई कंपनी अपने संसाधनों (जैसे पैसा, समय या कर्मचारी) का इस्तेमाल करके कितना पैसा कमाती है. OnlyFans की ख़ासियत यह है कि इसमें सिर्फ 42 लोगों की एक बहुत छोटी सी टीम काम करती है, लेकिन इसकी सालाना कमाई $1.3 बिलियन (1.3 अरब डॉलर) से ज़्यादा है.

OnlyFans यह कैसे करती है?

OnlyFans की सफलता का राज़ उसका बिज़नेस मॉडल है. कंपनी खुद कंटेंट नहीं बनाती, बल्कि वह लाखों इंडिपेंडेंट कंटेंट क्रिएटर्स पर निर्भर करती है.

इस प्लेटफॉर्म पर लगभग 2.1 मिलियन (21 लाख) क्रिएटर्स हैं, जो अपना कंटेंट बनाकर सीधे अपने फैंस को बेचते हैं. ये क्रिएटर्स कंपनी के पक्के कर्मचारी (employees) नहीं हैं.

कमाई का बँटवारा सीधा है: 80% हिस्सा क्रिएटर को मिलता है और 20% हिस्सा OnlyFans अपनी फीस के तौर पर रखती है.

कंपनी की जो 42 लोगों की छोटी सी टीम है, उसका काम सिर्फ प्लेटफॉर्म को मैनेज करना, टेक्नोलॉजी संभालना और नियमों का पालन करवाना है. असली काम (कंटेंट बनाना) तो लाखों क्रिएटर्स कर रहे हैं.

कमाई के आँकड़े

कंपनी की ग्रोथ ज़बरदस्त रही है.

  • 2024 के वित्तीय वर्ष में, फैंस ने क्रिएटर्स को कुल $7.22 बिलियन (7.22 अरब डॉलर) का पेमेंट किया.
  • इसमें से क्रिएटर्स ने (अपना 80% हिस्सा) लगभग $5.8 बिलियन कमाए.
  • वहीं OnlyFans ने अपने 20% कमीशन से $1.41 बिलियन (1.41 अरब डॉलर) का नेट रेवेन्यू कमाया.

संक्षेप में, OnlyFans ने एक ऐसा मॉडल बनाया है जहाँ असली काम लाखों इंडिपेंडेंट लोग करते हैं, जबकि कंपनी खुद बहुत छोटी टीम के साथ सिर्फ प्लेटफॉर्म चलाकर अरबों कमा रही है.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 24, 2025 09:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).