Paid Leave For Marriage: शादी के लिए मिलेगी 10 दिन की पेड लीव, छुट्टी होने पर भी बनती रहेगी सैलरी; दुबई की सरकार ने किया बड़ा ऐलान
दुबई सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जो न सिर्फ कर्मचारियों को राहत देगा, बल्कि पारिवारिक मूल्यों को भी मजबूत करेगा. अब दुबई में काम करने वाले एमिराती नागरिकों को शादी के लिए पूरे 10 कार्य दिवस की पेड छुट्टी मिलेगी.
10 Days Paid Leave For Marriage: दुबई सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जो न सिर्फ कर्मचारियों को राहत देगा, बल्कि पारिवारिक मूल्यों को भी मजबूत करेगा. अब दुबई में काम करने वाले एमिराती नागरिकों को शादी के लिए पूरे 10 कार्य दिवस की पेड छुट्टी मिलेगी. यह नई नीति 1 जनवरी 2025 से लागू होगी. इस फैसले की घोषणा यूएई के उपराष्ट्रपति और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा जारी डिक्री नंबर 31 ऑफ 2025 के तहत की गई है.
इस नई सुविधा का लाभ उन एमिराती नागरिकों को मिलेगा जो दुबई की सरकारी संस्थाओं, न्यायिक निकायों, सैन्य विभागों (उम्मीदवारों को छोड़कर), फ्री जोन, स्पेशल डेवलपमेंट जोन और दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) जैसी संस्थाओं में कार्यरत हैं.
किन शर्तों पर मिलेगा छुट्टी का लाभ?
- कर्मचारी की शादी एक अन्य एमिराती नागरिक से होनी चाहिए.
- कर्मचारी ने प्रोबेशन पीरियड सफलतापूर्वक पूरा कर लिया हो.
- शादी का रजिस्ट्रेशन यूएई की मान्यता प्राप्त संस्था से प्रमाणित होना चाहिए.
- शादी का अनुबंध 31 दिसंबर 2024 के बाद का होना जरूरी है.
- कर्मचारी को छुट्टी लेने के लिए प्रमाणित शादी प्रमाणपत्र जमा करना होगा.
पूरा वेतन और भत्ते भी मिलेंगे
शादी की छुट्टी के दौरान कर्मचारियों को पूरा ग्रॉस सैलरी मिलेगा, जिसमें सभी अलाउंस और वित्तीय सुविधाएं शामिल हैं. ये सैलरी उसी तरह दी जाएगी जैसे कर्मचारी ड्यूटी पर हो.
कब ले सकते हैं ये छुट्टी?
यह छुट्टी शादी की तारीख से एक साल के अंदर कभी भी ली जा सकती है. एक बार में या टुकड़ों में, जैसे सुविधा हो. अगर किसी कारणवश कर्मचारी छुट्टी नहीं ले पाता, तो वो अगले साल के लिए इसे आगे बढ़ा सकता है. बशर्ते उसका कारण वाजिब हो और उसका सुपरवाइजर अनुमति दे.
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस नीति का मकसद एमिराती परिवारों को मजबूत बनाना, काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन कायम करना और कर्मचारियों को शादी जैसे जीवन के खास मौके पर पूरी छूट और सहयोग देना है.
यह पहल दिखाती है कि दुबई सरकार अपने नागरिकों की खुशहाली को लेकर कितनी गंभीर है और वह कामकाजी माहौल को सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ जोड़कर देख रही है. आने वाले वक्त में ये नियम और भी कर्मचारियों के लिए लागू किए जा सकते हैं.