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नेपाल में फिर बड़ा बवाल: जेल तोड़कर भाग रहे थे कैदी, सेना की गोली से 2 की मौत

नेपाल के रामेछाप जेल में कैदियों ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद सेना के साथ उनकी हिंसक झड़प हुई. सेना की जवाबी फायरिंग में दो कैदियों की मौत हो गई और दस अन्य घायल हो गए. यह घटना देश में जारी 'जेन जी' आंदोलन और राजनीतिक अस्थिरता के बीच हुई है.

नेपाल में फिर बड़ा बवाल: जेल तोड़कर भाग रहे थे कैदी, सेना की गोली से 2 की मौत
(Photo Credits ANI)

नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है. इस बीच, रामेछाप जिले की एक जेल से हिंसा की बड़ी खबर आई है. यहां कैदियों ने जेल तोड़कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में सेना को फायरिंग करनी पड़ी. इस गोलीबारी में 2 कैदियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए.

क्या है पूरा मामला?

घटना रामेछाप की जिला जेल की है. यहां बंद कुछ कैदियों ने एकजुट होकर जेल से भागने का एक दुस्साहसी प्रयास किया. जब जेल के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो कैदी उनसे भिड़ गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मामले को बिगड़ता देख सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा.

सेना के आने के बाद भी जब कैदियों ने सरेंडर नहीं किया और हिंसा जारी रखी, तो सेना ने आत्मरक्षा में गोली चला दी. यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जब से देश में राजनीतिक संकट के बाद सेना का नियंत्रण बढ़ा है, तब से इस तरह की गोलीबारी की यह दूसरी बड़ी घटना है. इस फायरिंग ने देश के मौजूदा तनावपूर्ण माहौल को और गरमा दिया है.

क्यों अस्थिर है नेपाल?

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब नेपाल एक बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रहा है. हाल ही में, देश में 'जेन जी' (Gen Z) आंदोलन ने जोर पकड़ा था, जिसके दबाव में प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा. युवाओं के इस आंदोलन ने देश की राजनीति में एक खालीपन ला दिया है, और अभी तक कोई स्थायी सरकार नहीं बन पाई है.

आगे क्या हो सकता है?

इस राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिए, नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नाम आगे आया है. खबरों के मुताबिक, जेन जी आंदोलन के नेता भी सुशीला कार्की को एक अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाने पर सहमत हो गए हैं. उन्हें एक साफ-सुथरी और सम्मानित छवि का व्यक्ति माना जाता है, जो शायद देश को इस संकट से बाहर निकाल सकें.

नेपाल में हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं. एक तरफ जेल में हिंसा हो रही है, तो दूसरी तरफ एक नई सरकार बनाने की कोशिशें भी जारी हैं. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सुशीला कार्की के नेतृत्व में देश में शांति और स्थिरता लौट पाती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 11, 2025 09:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).