Minneapolis Shooting: 'भारत को परमाणु बम से उड़ा दो'...अमेरिकी हमलावर के बंदूक पर लिखा था INDIA विरोधी संदेश?
मिनियापोलिस गोलीबारी के आरोपी ने अपनी बंदूक पर "न्यूक इंडिया" लिखा था (Photo Credit: X/@CollinRugg)

नई दिल्ली: अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में एक कैथोलिक चर्च पर हुए हमले (Minneapolis Shooting) ने पूरी दुनिया को दहला दिया है. इस हमले को अंजाम देने वाली ट्रांसजेंडर शूटर रॉबिन वेस्टमन ने अपनी बंदूकों पर कई नफरत भरे संदेश लिखे थे, जिनमें से एक भारत के खिलाफ भी था. हमला करने से पहले सोशल मीडिया पर डाले गए एक वीडियो में उसकी बंदूक पर साफ-साफ "Nuke India" (भारत को परमाणु बम से उड़ा दो) लिखा हुआ दिखा.

यह भयानक घटना बुधवार को तब हुई, जब चर्च के स्कूल के बच्चे नए शैक्षणिक साल की शुरुआत के लिए प्रार्थना सभा (मास) में इकट्ठा हुए थे. हमलावर ने चर्च की एक खिड़की से गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. इस गोलीबारी में 8 और 10 साल के दो मासूम बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हो गए. मारे गए अन्य तीन लोग 80 साल से ज़्यादा उम्र के थे.

कौन थी हमलावर?

पुलिस ने हमलावर की पहचान रॉबिन वेस्टमन (Robin Westman) के रूप में की है. रॉबिन पहले एक लड़का थी और उसका नाम रॉबर्ट वेस्टमन था. उसने 2017 में इसी स्कूल से 8वीं कक्षा पास की थी. बाद में, 2020 में उसने कानूनी तौर पर अपना नाम और जेंडर बदलवा लिया था. बताया जा रहा है कि लोगों पर गोलियां चलाने के बाद रॉबिन ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली.

बंदूकों पर लिखे थे नफरत भरे संदेश

हमले से पहले रॉबिन ने एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने अपनी बंदूकें दिखाई थीं. इन बंदूकों पर उसने कई चौंकाने वाले और नफरत भरे संदेश लिखे थे. 'भारत को परमाणु बम से उड़ा दो' के अलावा, उसने 'Kill Donald Trump now' (डोनाल्ड ट्रंप को अभी मार डालो) भी लिखा था.

उसके अन्य संदेशों से पता चलता है कि वह लैटिन अमेरिकी, अफ्रीकी-अमेरिकी, यहूदियों और इज़राइल से भी नफरत करती थी. पुलिस के अनुरोध पर सोशल मीडिया से ये वीडियो हटा दिए गए, लेकिन तब तक इसकी कॉपियां वायरल हो चुकी थीं.

अधिकारियों ने की पुष्टि

होमलैंड सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने इस वीडियो की पुष्टि की है. उन्होंने अपने एक पोस्ट में लिखा कि इस हत्यारे ने अपनी राइफल पर 'बच्चों के लिए', 'तुम्हारा भगवान कहां है?' और 'डोनाल्ड ट्रंप को मारो' जैसे संदेश लिखे थे. FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) इस मामले की जांच घरेलू आतंकवाद और कैथोलिक समुदाय के खिलाफ हेट क्राइम (नफरत से जुड़ा अपराध) के एंगल से कर रही है.

यह दो साल में दूसरी बार है जब किसी ट्रांसजेंडर व्यक्ति ने किसी ईसाई संस्थान पर ऐसा हमला किया है. इससे पहले 2023 में नैशविले के एक क्रिश्चियन स्कूल में हुई गोलीबारी में भी एक ट्रांसजेंडर हमलावर ने तीन बच्चों समेत छह लोगों की हत्या कर दी थी.

इस घटना के बाद अमेरिका समेत दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लोगों से पीड़ितों के लिए प्रार्थना करने की अपील की है और रविवार तक सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाने का आदेश दिया है.