संयुक्त राष्ट्र, 7 नवंबर : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद एक बार फिर गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक मसौदा प्रस्ताव पर सहमत होने में विफल रही है. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा परिषद के 10 गैर-स्थायी सदस्य देशों वाले ई-10 ने प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया था.
लेकिन परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका और ब्रिटेन, ने सोमवार को यूएनएससी सत्र के दौरान इसका विरोध किया. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के उप राजदूत रॉबर्ट वुड ने कहा, "इस बिंदु पर कोई सहमति नहीं है," लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यहां मानवीय ठहराव के बारे में चर्चा हुई है. "और हम उस संबंध में बातको आगे बढ़ाने में रुचि रखते हैं." हालांकि, उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के भीतर इस बात पर असहमति थी कि क्या यह स्वीकार्य होगा. यह भी पढ़ें : US On Israel Hamas War: अमेरिका ने हिज्बुल्ला और ईरान को दी धमकी, अगर इजरायल पर हमला किया तो अंजाम भुगतना होगा
इस बीच, चीन के संयुक्त राष्ट्र राजदूत जून झांग ने गाजा को मानवीय सहायता पहुंचाने की सुविधा के लिए तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया. सीएनएन ने चीनी दूत के हवाले से कहा,“जैसा कि हम बोल रहे हैं, फ़िलिस्तीनी नागरिक लगातार मारे जा रहे हैं. इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है. गाजा बच्चों के लिए कब्रगाह बनता जा रहा है. कोई भी सुरक्षित नहीं है. ” संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत लाना जकी नुसेबीह ने रेखांकित किया कि परिषद के भीतर चर्चा चल रही है, और राष्ट्र अपने मतभेदों को पाटने के लिए काम कर रहे हैं.
“हम हमास द्वारा इज़राइल पर सात अक्टूबर को किए गए हमलों की निंदा करते हैं. हमने गाजा पट्टी पर इजराइल के अंधाधुंध हमलों की भी निंदा की. नुसेबीह ने कहा, हम बंधकों की हिरासत पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं और सभी बंधकों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप मानवीय व्यवहार की मांग करते हैं.“ बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र के मानवीय अधिकारियों ने सुरक्षा परिषद को क्षेत्र की गंभीर मानवीय स्थिति के बारे में जानकारी दी.