इजरायल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क पर की बमबारी, Videos में देखें तबाही का मंजर
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इजरायली सेना ने बुधवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क में स्थित सीरियाई सेना के मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर हमला किया. इसके साथ ही इजरायल ने सीरिया के रक्षा मंत्रालय को भी निशाना बनाया. यह हमला उस वक्त हुआ जब द्रूज समुदाय और सीरियाई सरकार के बीच संघर्ष की स्थिति बनी हुई है. दमिश्क से दक्षिण की ओर बसे स्वेदा शहर में द्रूज अल्पसंख्यक गुट और सुन्नी बदूईन कबीलों के बीच बीते रविवार से झड़पें जारी हैं, जिसमें अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. यह झड़पें अपहरण और सत्ता संघर्ष के चलते भड़की हैं. सीरियाई सेना ने इस क्षेत्र में दखल देना शुरू किया, जिससे संघर्ष और तेज हो गया.

इजरायल के सीरिया की राजधानी दमिश्क पर हमले के कई वीडियो भी सोशल मीडिया और सामने आ रहे हैं. ऐसे ही एक वीडियो में एक महिला न्यूज एंकर समाचार पढ़ती हुई दिख रही है तभी पीछे जोरदार धमाके से वह डर जाती है.

लाइव टीवी शो में धमाका

इजरायल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क पर की बमबारी

इजरायली नेतृत्व की सख्त चेतावनी

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने कहा है कि "यदि सीरियाई सेना पीछे नहीं हटती, तो हम अपने हमलों को और तेज करेंगे." प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी जोर देकर कहा कि "दक्षिण-पश्चिम सीरिया को हम गैर-सैन्यीकृत क्षेत्र के रूप में बनाए रखना चाहते हैं और द्रूज समुदाय की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है."

द्रूज समुदाय: कौन हैं ये लोग?

द्रूज समुदाय इस्लाम के शिया संप्रदाय की एक शाखा इस्माइली से 10वीं सदी में अलग हुआ एक धार्मिक समूह है. विश्वभर में लगभग 10 लाख द्रूज हैं. इनमें से अधिकांश सीरिया में रहते हैं, जबकि कुछ लेबनान और इजरायल में भी बसे हैं. गोलन हाइट्स, जिसे इजरायल ने 1967 के युद्ध में सीरिया से हथियाया था, में भी द्रूज समुदाय की बड़ी आबादी है. इजरायल ने दावा किया है कि वह द्रूज लोगों की सुरक्षा के लिए यह हस्तक्षेप कर रहा है.

सीरिया सरकार की कार्रवाई

सीरियाई रक्षा मंत्रालय का कहना है कि द्रूज मिलिशिया ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया, जिससे सेना को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी. सरकारी बयान में कहा गया, "सेना केवल उन स्थानों पर कार्रवाई कर रही है जहां से फायरिंग हो रही है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है." इस बीच, 199 से अधिक सीरियाई सैनिकों को क्षेत्र में भेजा गया है ताकि व्यवस्था बहाल की जा सके.

क्यों बढ़ रहा है तनाव?

सीरिया में 14 वर्षों से गृहयुद्ध के बाद अब भी शांति स्थापित नहीं हो पाई है. कई क्षेत्रों पर अलग-अलग गुटों का नियंत्रण बना हुआ है. इस हालिया संघर्ष में सीरिया सरकार, स्थानीय द्रूज गुट और इजरायल तीनों ही सक्रिय हो गए हैं, जिससे स्थिति बेहद संवेदनशील और जटिल बन गई है.