यूरेनियम संवर्धन रोकने से ईरान का इनकार, कहा सैन्य मौजूदगी नहीं डराती

ओमान के मस्कट में हुई अमेरिका और ईरान की परोक्ष बातचीत के बाद तेहरान ने यूरेनियम संवर्धन बंद करने से साफ इनकार किया.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

ओमान के मस्कट में हुई अमेरिका और ईरान की परोक्ष बातचीत के बाद तेहरान ने यूरेनियम संवर्धन बंद करने से साफ इनकार किया. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि "क्षेत्र में उनकी सैन्य तैनाती हमें नहीं डराती."ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार, 8 फरवरी को अमेरिका के साथ बातचीत में कभी भी यूरेनियम संवर्धन छोड़ने की बात से इनकार कर दिया. अराघची ने इस बात पर जोर दिया कि वे अमेरिका के साथ युद्ध की धमकी से नहीं डरेंगे.

अराघची तेहरान में एक फोरम में बोल रहे थे, जहां न्यूज एजेंसी एएफपी के पत्रकार मौजूद थे. उन्होंने कहा, तेहरान को वाशिंगटन पर बहुत कम भरोसा है और उन्हें तो यहां तक शक है कि "अमेरिकी पक्ष फिर से शुरू हुई बातचीत को गंभीरता से ले भी रहा है?"

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"अमेरिकी सैन्य मौजूदगी हमें नहीं डराती"

अराघची ने कहा, "हम (यूरेनियम) संवर्धन पर इतना जोर क्यों देते हैं और इसे छोड़ने से इनकार क्यों करते हैं, भले ही हम पर युद्ध थोप दिया जाए? क्योंकि किसी को भी हमारे आचरण को लेकर हुक्म देने का हक नहीं है." अरब सागर में अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के आने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "क्षेत्र में उनकी सैन्य तैनाती हमें नहीं डराती." इससे पहले शनिवार को अराघची ने कहा था कि अगर अमेरिकी सेनाओं ने हमला किया तो ईरान इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाएगा.

अमेरिका और ईरान ने जून 2025 में इस्राएल के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध के बाद पहली बार शुक्रवार को ओमान में बातचीत फिर से शुरू की. ईरान अपने ऊपर पर लगे अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को हटवाना चाहता है.

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'शक्ति के रास्ते शांति'

अराघची की ये टिप्पणियां अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर के शनिवार को विमानवाहक पोत का दौरा करने के बाद आई हैं.

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि दोनों शीर्ष अधिकारियों ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाले पोत का दौरा किया.

एक सोशल मीडिया पोस्ट में विटकॉफ ने कहा कि वह विमानवाहक पोत और उसका स्ट्राइक ग्रुप "हमें सुरक्षित रख रहा है और शक्ति के जरिए राष्ट्रपति ट्रंप के शांति के संदेश को कायम रख रहा है." ओमान में शुक्रवार की पहले दौर की बातचीत के बाद डॉनल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर "टैरिफ लगाने" की बात की गई.

अमेरिका ने कई शिपिंग कंपनियों और जहाजों के खिलाफ नए प्रतिबंधों की भी घोषणा की, जिनका उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को रोकना है.

रविवार को तेहरान फोरम में अराघची ने बातचीत के प्रति संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "कुछ प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाइयों का जारी रहना असल बातचीत करने के लिए दूसरे पक्ष की गंभीरता और तत्परता पर संदेह पैदा करता है."

विरोध प्रदर्शनों में मौतों का आंकड़ा

ईरानी प्रशासन ने स्वीकार किया है कि हाल के विरोध प्रदर्शनों में 3,117 लोग मारे गए थे. रविवार को 2,986 नामों की एक सूची प्रकाशित की गई, जिनमें से अधिकांश को उन्होंने सुरक्षा बलों का सदस्य और निर्दोष राहगीर बताया.

वहीं अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने मरने वालों की संख्या बहुत अधिक बताई है. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स न्यूज एजेंसी ने विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत से ही मौतों का आंकड़ा रखा है. एजेंसी के मुताबिक, उसने 6,961 मौतों की पुष्टि की है, जिनमें मुख्य रूप से प्रदर्शनकारी शामिल हैं. साथ ही अन्य 11,630 मामलों पर वे जांच कर रहे हैं. एजेंसी ने इसने 51,000 से ज्यादा गिरफ्तारियों की बात भी कही है.

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