न्यूयॉर्क में रहने वाले 39 साल के भारतीय मूल के एक शख्स, मेहुल गोस्वामी, बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं. उन पर 'मूनलाइटिंग' यानी एक साथ दो-दो नौकरियां करके राज्य सरकार को धोखा देने और 50,000 डॉलर (करीब 44 लाख रुपये) से ज़्यादा की चोरी करने का गंभीर आरोप लगा है. अगर वह दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 15 साल तक जेल में बिताने पड़ सकते हैं.
क्या है पूरा मामला.
पुलिस के मुताबिक, मेहुल गोस्वामी न्यूयॉर्क स्टेट के इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सर्विसेज (ITS) विभाग में रिमोट एम्प्लॉई थे. मतलब, वह घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करते थे. लेकिन, अधिकारियों ने जांच में पाया कि गोस्वामी ने चालाकी से इसी दौरान माल्टा (न्यूयॉर्क में एक जगह) में एक और फुल-टाइम नौकरी भी पकड़ ली.
आरोप है कि वह जिस समय राज्य सरकार के लिए काम करने का दावा कर रहे थे और मोटी सैलरी ले रहे थे, असल में उस वक्त वह अपनी दूसरी कंपनी के लिए काम कर रहे थे. इस तरह उन्होंने सरकार को धोखा दिया और जनता के पैसे का गबन किया.
कितनी थी सरकारी सैलरी.
एक रिपोर्ट के अनुसार, गोस्वामी राज्य सरकार में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर के पद पर थे. 2024 में उनकी सालाना सैलरी 117,891 डॉलर (करीब 98 लाख रुपये) थी.
US law enforcement arrested Mehul Goswami, an Indian origin man working for the New York State Office on charges of grand larceny for moonlighting as a contractor.
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— NDTV Profit (@NDTVProfitIndia) October 24, 2025
क्या कहा अधिकारियों ने.
न्यूयॉर्क की इंस्पेक्टर जनरल लूसी लैंग ने इस मामले पर सख्त टिप्पणी की. उन्होंने कहा, "सरकारी कर्मचारियों पर ईमानदारी से सेवा करने का भरोसा किया जाता है. गोस्वामी का यह काम उस भरोसे को गंभीर रूप से तोड़ना है." उन्होंने आगे कहा, "राज्य के लिए काम करने का नाटक करते हुए दूसरी फुल-टाइम नौकरी करना जनता के पैसे और टैक्सपेयर्स के डॉलर्स का घोर दुरुपयोग है."
क्या सज़ा मिलेगी.
मेहुल गोस्वामी को 15 अक्टूबर को 'ग्रैंड लार्सेनी' (बड़ी चोरी) के आरोप में गिरफ्तार किया गया. यह एक गंभीर किस्म का अपराध (क्लास C फेलोनी) है. न्यूयॉर्क के नए कानूनों के तहत, गोस्वामी को इस आरोप में ज़मानत भी नहीं मिल सकती. फिलहाल, उन पर 15 साल तक की जेल का खतरा मंडरा रहा है.












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