What is Epstein Files Controversy: नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण....एपस्टीन फाइल्स बनीं राष्ट्रपति ट्रंप के गले की फांस, दस्तावेज जारी करने का बढ़ा दबाव
ट्रंप प्रशासन ने एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया है. (Photo : X)

Epstein Files Controversy Explained: आजकल आप शायद "एपस्टीन फाइल्स" के बारे में बहुत कुछ सुन रहे होंगे. चलिए, इसे बिल्कुल आसान शब्दों में समझते हैं कि यह आखिर है क्या और इसे लेकर इतना विवाद क्यों है.

सबसे पहले, यह जानना ज़रूरी है कि जेफरी एपस्टीन कौन था. एपस्टीन एक बहुत अमीर अमेरिकी फाइनेंसर था. उस पर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने और उनकी तस्करी (Trafficking) करने के गंभीर आरोप थे. 2019 में उसे गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुकदमे से पहले ही वह जेल में मृत पाया गया. अधिकारियों का कहना है कि उसने आत्महत्या की थी.

अब आते हैं "एपस्टीन फाइल्स" पर. यह कोई एक फाइल नहीं है, बल्कि एपस्टीन से जुड़ी जांच के दौरान इकट्ठे किए गए हज़ारों दस्तावेज़ों, तस्वीरों, वीडियो और रिकॉर्ड्स का एक बहुत बड़ा संग्रह है. यह डेटा 300 गीगाबाइट से भी ज़्यादा है. इसमें ये सब शामिल है:

  • जांच की रिपोर्ट्स: FBI जैसी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट.
  • गवाहों के बयान: पीड़ितों और गवाहों से की गई पूछताछ का ब्योरा.
  • सबूत: तलाशी में मिली चीज़ें, फ्लाइट लॉग (यानी उसके प्राइवेट प्लेन में कौन-कौन, कहाँ-कहाँ गया), उसकी कॉन्टैक्ट बुक वगैरह.

यह सारा मटीरियल एपस्टीन और उसकी साथी घिसलेन मैक्सवेल के केस से जुड़ा है. मैक्सवेल को एपस्टीन के अपराधों में साथ देने के लिए 20 साल की जेल की सज़ा हुई है.

फाइलों में आखिर है क्या और बड़े नामों का ज़िक्र क्यों?

इन फाइलों में कई हाई-प्रोफाइल और मशहूर लोगों के नाम सामने आए हैं, जैसे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के प्रिंस एंड्र्यू और पॉप स्टार माइकल जैक्सन.

लेकिन यह जानना ज़रूरी है कि इन फाइलों में किसी का नाम आने का मतलब यह नहीं है कि वे अपराधी हैं या किसी अपराध में शामिल थे. उनका नाम सिर्फ़ इसलिए हो सकता है क्योंकि वे कभी एपस्टीन से मिले थे, उसकी पार्टी में गए थे या उसके प्लेन में सफर किया था. बिल क्लिंटन और प्रिंस एंड्र्यू ने साफ़ कहा है कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी.

क्या कोई 'क्लाइंट लिस्ट' है?

सोशल मीडिया पर अक्सर एक "क्लाइंट लिस्ट" की बात होती है, जिसमें उन लोगों के नाम होने का दावा किया जाता है जिन्होंने एपस्टीन की सेवाओं का इस्तेमाल किया. लेकिन अमेरिकी न्याय विभाग और FBI ने जुलाई 2025 में आधिकारिक तौर पर यह साफ़ कर दिया है कि ऐसी कोई लिस्ट मौजूद नहीं है. यह सिर्फ एक साज़िश की कहानी (conspiracy theory) है.

तो फिर सारी फाइलें जारी क्यों नहीं की जा रही हैं?

अगस्त 2025 तक की स्थिति यह है कि सरकार ने इन सभी फाइलों को पब्लिक करने से मना कर दिया है. इसके पीछे कुछ ठोस कारण हैं:

  1. पीड़ितों की सुरक्षा: इन फाइलों में पीड़ितों और गवाहों की पहचान और उनके बयान हैं. उन्हें सार्वजनिक करने से उनकी निजता और सुरक्षा को खतरा हो सकता है.
  2. निर्दोष लोगों का बचाव: जैसा कि बताया गया, सिर्फ़ नाम होने से कोई दोषी नहीं हो जाता. पूरी जानकारी जारी करने से निर्दोष लोगों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच सकता है.
  3. अवैध सामग्री: कुछ सामग्री, जैसे कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी, को जारी करना गैर-कानूनी है और उसे कभी भी पब्लिक नहीं किया जाएगा.

यह मामला अब एक राजनीतिक अखाड़ा भी बन गया है, जहां एक पक्ष डोनाल्ड ट्रंप के कनेक्शन पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरा पक्ष बिल क्लिंटन जैसे डेमोक्रेट्स को घेर रहा है.

कुल मिलाकर, एपस्टीन फाइल्स जांच से जुड़े दस्तावेज़ों का एक संवेदनशील संग्रह है. इसे जारी न करने के पीछे का आधिकारिक कारण पीड़ितों और निर्दोष लोगों की सुरक्षा है, लेकिन इसी गोपनीयता की वजह से इसे लेकर साज़िश की कहानियाँ और विवाद बढ़ते जा रहे हैं.