दुनियाभर में कमजोर हो रहा है लोकतंत्र, बढ़ रही है तानाशाहीः रिपोर्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

दुनिया में लोकतंत्र लगातार कम हो रहा है और तानाशाही सरकारों की संख्या बढ़ रही है. जर्मनी के बर्टल्समान फाउंडेशन ने एक अध्ययन के बाद जारी रिपोर्ट में यह बात कही है.जर्मन विशेषज्ञों ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा है कि दुनिया में लोकतांत्रिक सरकारें कम हो रही हैं. खासकर विकासशील और नए उभरते देशों में तो लोकतंत्र अल्पसंख्य हो गया है. बर्टल्समान फाउंडेशन की ओर से जारी इस रिपोर्ट में लोकतंत्र की स्थिति का अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण किया गया है.

इस रिपोर्ट को जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स को भी सौंपा जाएगा. मंगलवार को जारी इस रिपोर्ट के लिए विशेषज्ञों ने 63 लोकतांत्रिक देशों की तुलना 74 ऐसे देशों से की जहां तानाशाही प्रवृत्ति की सरकारें हैं. इन लोकतांत्रिक देशों में तीन अरब लोग रहते हैं जबकि तानाशाही सरकारें लगभग 4 अरब लोगों पर राज कर रही हैं.

अधिकारों में कटौती

पिछले 20 साल में यह बर्टल्समान की दसवीं रिपोर्ट है. इस साल रिपोर्ट का शीर्षक हैः दुनिया में लगातार कम हो रही है लोकतंत्र की जमीन. इसके साथ ही बर्टल्समान फाउंडेशन ने ‘ट्रांसफॉर्मेशन इंडेक्स 2024‘ भी जारी किया है, जो बताता है कि कहां लोकतंत्र किस तेजी से बढ़ या घट रहा है.

रिपोर्ट में हर देश के बारे में विस्तार से बताया गया है कि कहां किस तरह का बदलाव आ रहा है. खासतौर पर राजनीतिक प्रतिभागिता, चुनावों की निष्पक्षता, आंदोलन और विरोध करने की आजादी, अभिव्यक्ति और मीडिया की आजादी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई है. रिपोर्ट कहती है कि विभिन्न देशों में इन अधिकारों में लगातार कटौती हो रही है.

रिपोर्ट में कहा गया, "शक्तियों का विभाजन लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और सिविल सोसायटी के लिए जगह सिकुड़ रही है.”

जिन 74 देशों में तानाशाही प्रवृत्ति की सरकारें हैं, उनमें से रिपोर्टे के मुताबिक 49 देशों की सरकारें "कट्टर तानाशाही” प्रवृत्ति की हैं. इनमें रूस भी शामिल है.

रिपोर्ट कहती है, "पिछले दो सालों में ही 25 देशों के चुनाव पहले से कम निष्पक्ष हुए. 32 देशों में आंदोलन करने के अधिकारों में कटौती हुई जबकि 39 देशों में अभिव्यक्ति की आजादी कम हुई. इस तरह लोकतंत्र का लगातार क्षरण तानाशाही के लिए रास्ता तैयार कर सकता है, जो हमने बांग्लादेश, मोजांबिक और तुर्की में देखा है.”

कुछ देशों की तारीफ

रिपोर्ट में बाल्टिक देशों, ताइवान, दक्षिण कोरिया, कोस्टा रिका, चिली और उरुग्वे की तारीफ करते हुए कहा गया है कि ये देश लोकतंत्र के लिए उम्मीद हैं और इन्होंने दिखाया है कि कैसे बदलाव लाया जा सकता है.

बर्टल्समान फाउंडेशन के वरिष्ठ विशेषज्ञ हाउके हार्टमान ने कहा, "तानाशाही को बैलट बॉक्स के जरिए रोका जा सकता है.इसके लिए सिविल सोसायटी को चुनावों के पहले एकजुट होना होगा और चुनावों के बाद कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना होगा.”

रिपोर्ट कहती है कि भले ही तानाशाही शासक बेहतर प्रशासन देने का दावा करते हैं लेकिन बीटीआई ने अपने अध्ययन में पाया है कि सक्षमता के मामले में सबसे निचले 45 देशों में तानाशाही प्रवृत्ति की हैं और वहां भ्रष्टाचार सबसे ज्यादा है. इनमें कंबोडिया से लेकर वेनेजुएला और जिम्बाब्वे तक वे तमाम देश शामिल हैं, जहां लोकतंत्र कमजोर हुआ है.

विवेक कुमार (डीपीए)