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सीरिया में गृहयुद्ध! बशर अल-असद समर्थकों और सेना के बीच खूनी संघर्ष, झड़प में 70 से अधिक की मौत

सीरिया में बशर अल-असद समर्थकों और नए सत्तारूढ़ शासन के सुरक्षा बलों के बीच जबलेह क्षेत्र में भीषण झड़पें हुईं, जिसमें 70 से अधिक लोग मारे गए. इस हिंसा को असद शासन के पतन के बाद की सबसे गंभीर झड़प बताया जा रहा है.

सीरिया में गृहयुद्ध! बशर अल-असद समर्थकों और सेना के बीच खूनी संघर्ष, झड़प में 70 से अधिक की मौत

सीरिया में बशर अल-असद समर्थकों और नए सत्तारूढ़ शासन के सुरक्षा बलों के बीच भीषण संघर्ष हुआ, जिससे मध्य पूर्व में अशांति और बढ़ गई है. ये संघर्ष दिसंबर में सत्ता परिवर्तन के बाद की सबसे गंभीर हिंसक घटनाओं में से एक मानी जा रही है.

झड़प में 70 से अधिक की मौत

सीरियाई सरकार ने बताया कि तटीय क्षेत्र जबलेह में हुए इस संघर्ष में सुरक्षा बलों के कम से कम 13 सदस्य मारे गए. ब्रिटेन स्थित ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ के अनुसार, इस हमले में 16 सुरक्षा कर्मियों और 4 नागरिकों की मौत हुई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि असद समर्थक कई लड़ाके भी मारे गए या घायल हुए हैं.

ऑब्जर्वेटरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, "सीरिया के रक्षा और गृह मंत्रालय के सदस्यों और असद शासन की पूर्व सेना के आतंकियों के बीच हुए इस संघर्ष में 70 से अधिक लोग मारे गए और दर्जनों घायल या कैद किए गए."

अलावी समुदाय पर बढ़ता तनाव

सीरियन ऑब्जर्वेटरी के प्रमुख रामी अब्दुर्रहमान के अनुसार, पुलिस बल पर हमला करने वाले बंदूकधारी अलावी समुदाय से हैं. उन्होंने कहा कि "यह झड़पें असद शासन के पतन के बाद की सबसे भीषण हिंसा हैं." जबलेह क्षेत्र में असद समर्थित मिलिशिया पहले भी सुरक्षा बलों को निशाना बनाती रही हैं.

प्रांतीय सुरक्षा प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल मुस्तफा कुनैफती ने बताया कि "अलावी कार्यकर्ता यह दावा कर रहे हैं कि असद शासन के पतन के बाद से उनके समुदाय को हिंसा और हमलों का सामना करना पड़ रहा है."

सरकार ने इसे ‘अलग-थलग घटनाएं’ बताया

सीरिया के नए प्रशासन ने इन हमलों को "अलग-थलग घटनाएं" बताते हुए दोषियों को पकड़ने की घोषणा की है. सरकारी समाचार एजेंसी ‘सना’ ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जबलेह में जनरल इब्राहिम हुवैजा को गिरफ्तार कर लिया है. हुवैजा पर सैकड़ों हत्याओं में संलिप्त होने का आरोप है, जिसमें 1977 में लेबनानी नेता कमाल बेक जुंबलाट की हत्या भी शामिल है.

सीरिया में स्थिरता की चुनौती

13 वर्षों से चले आ रहे गृहयुद्ध के बाद सीरिया की नई सरकार देश में स्थिरता लाने के प्रयास कर रही है. गृहयुद्ध में हजारों लोग मारे गए और लाखों लोग तुर्की और यूरोप की ओर पलायन कर गए. पश्चिमी देश असद शासन को अलग-थलग करने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रहे हैं.

हाल ही में, ब्रिटेन ने सीरिया के केंद्रीय बैंक और 23 अन्य संस्थानों पर लगे प्रतिबंधों को हटा लिया, जबकि अमेरिका अभी भी कड़े प्रतिबंधों को बनाए हुए है. यूरोपीय संघ ने भी सीरिया के केंद्रीय बैंक पर कुछ प्रतिबंधों में राहत दी है, लेकिन अन्य प्रतिबंध बरकरार हैं.

सीरिया में जारी इस संघर्ष और हिंसा से यह स्पष्ट है कि देश में स्थिरता लाना अभी भी एक कठिन चुनौती बना हुआ है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 07, 2025 08:34 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).