चांसलर ने 2026 को बताया जर्मनी के लिए 'नई शुरुआतों' का साल

अपने पहले नववर्ष संदेश में जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच जनता को भरोसा रखने का संदेश दिया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

अपने पहले नववर्ष संदेश में जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच जनता को भरोसा रखने का संदेश दिया है. साथ ही, उन्होंने 2026 में आर्थिक मोर्चे पर बड़े बदलाव लाने की प्रतिबद्धता भी जताई है.चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने नए साल की पूर्व संध्या पर देशवासियों को अपने संदेश में स्पष्ट किया कि जर्मनी बाहरी हालात के आगे विवश नहीं है और न ही वह वैश्विक शक्तियों के हाथों की कठपुतली है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जर्मनी अपनी चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है.

यूक्रेन युद्ध, रूसी खतरों और अमेरिका के साथ जटिल संबंधों का हवाला देते हुए मैर्त्स ने स्वीकार किया कि दुनिया की वर्तमान स्थिति को लेकर लोग डरे हुए हैं. उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा, "हमारा देश सुरक्षित है और हम अपनी सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दे रहे हैं."

साथ ही, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस शांति को बरकरार रखने के लिए रक्षा और प्रतिरोधक क्षमताओं को और अधिक पुख्ता करना जरूरी है.

क्रिसमस संदेश में जर्मन राष्ट्रपति ने दिया एकजुटता पर जोर

चांसलर के रूप में यह मैर्त्स का पहला नववर्ष संदेश है. इस मौके पर उन्होंने अपनी सरकार के पेंशन सुधारों का भी जिक्र किया, जिसे लंबी राजनीतिक बहस के बाद दिसंबर 2025 की शुरुआत में मंजूरी मिली थी.

सिर्फ पैसे खर्च करने से नहीं हो जाएगा जर्मनी का विकास

उन्होंने इन बदलावों के लिए लोगों से समर्थन मांगा और स्वीकार किया कि जनता को फिलहाल इनके नतीजे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं. उन्होंने जनता की चिंताओं को जायज बताते हुए भरोसा दिलाया कि समय के साथ जर्मनी को इन कड़े फैसलों का लाभ जरूर मिलेगा. इसी साल फरवरी में जर्मनी में आम चुनाव हुए थे, जिसके बाद कई महीने चली बातचीत के बाद उन्होंने जर्मनी के चांसलर के रूप में पद संभाला था.

उन्होंने सभी जर्मनीवासियों को नकारात्मकता से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि हमें निराशावादियों की बातों में आने के बजाय अपनी इच्छाशक्ति और साहस पर भरोसा करना चाहिए. चांसलर ने उम्मीद जताई कि वर्ष 2026 देश के लिए एक 'नई शुरुआत' साबित होगा, जो जर्मनी और यूरोप को फिर से शांति और समृद्धि के मार्ग पर ले जाएगा.

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