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North Korea: अलियावती लोंगकुमर बने उत्तर कोरिया में भारत के नए राजदूत, जल्द संभालेंगे जिम्मेदारी; दोनों देशों के बीच सुधरेंगे द्विपक्षीय संबंध

भारत ने उत्तर कोरिया में अपने नए राजदूत के तौर पर अलियावती लोंगकुमर की नियुक्ति की है. वे फिलहाल पराग्वे की राजधानी असुनसियोन में भारतीय दूतावास में चार्ज द’एफेयर्स के पद पर कार्यरत हैं.

North Korea: अलियावती लोंगकुमर बने उत्तर कोरिया में भारत के नए राजदूत, जल्द संभालेंगे जिम्मेदारी; दोनों देशों के बीच सुधरेंगे द्विपक्षीय संबंध
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Aliawati Longkumer Appointed as Ambassador of India to North Korea: भारत ने उत्तर कोरिया (Democratic People's Republic of Korea) में अपने नए राजदूत के तौर पर अलियावती लोंगकुमर की नियुक्ति की है. वे फिलहाल पराग्वे की राजधानी असुनसियोन में भारतीय दूतावास में चार्ज द’एफेयर्स के पद पर कार्यरत हैं. विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को यह जानकारी दी. लोंगकुमर भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 2008 बैच के अधिकारी हैं और उन्हें जल्द ही उत्तर कोरिया में अपनी नई जिम्मेदारी संभालनी है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि अलियावती लोंगकुमर की नियुक्ति से भारत और उत्तर कोरिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी.

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भारत और उत्तर कोरिया के बीच संबंध

भारत और उत्तर कोरिया के बीच दूतावास स्तर पर राजनयिक संबंध 10 दिसंबर 1973 को स्थापित किए गए थे. इससे पहले मार्च 1962 में कांसुलर संबंध और 1968 में कांसुलेट जनरल की स्थापना की गई थी. दोनों देशों के बीच संबंधों को मैत्री, सहयोग और समझदारी के रूप में देखा जाता है.

कोरियाई युद्ध में भारत की भूमिका

1950 से 1953 के बीच हुए कोरियाई युद्ध के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने युद्धबंदियों की वापसी के लिए एक 9 सदस्यीय न्यूट्रल नेशंस रिपैट्रिएशन कमीशन का गठन किया था, जिसका नेतृत्व भारत ने किया था. इस आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल के.एस. थिमय्या थे. उनके नेतृत्व में भारत की भूमिका की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना हुई थी.

भारत का रुख: शांति और बातचीत

भारत हमेशा से कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता बनाए रखने का पक्षधर रहा है. भारत ने उत्तर कोरिया से परमाणु परीक्षण और मिसाइल परीक्षण से संयम बरतने की अपील की है. भारत ने 2018 में हुए दोनों कोरियाई देशों के बीच पनमुनजॉम और प्योंगयांग शिखर सम्मेलनों का स्वागत किया था.

इसके अलावा, भारत ने डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच सिंगापुर और हनोई में हुए शांति वार्ताओं का भी समर्थन किया था.

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विदेश कार्यालय परामर्श (FOC)

भारत और उत्तर कोरिया के बीच Foreign Office Consultations (FOC) के माध्यम से समय-समय पर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होती रही है, जिससे दोनों देशों के बीच बेहतर समझ और सहयोग बना रहे.

अलियावती लोंगकुमर की इस नई नियुक्ति के साथ, उम्मीद की जा रही है कि भारत और उत्तर कोरिया के बीच कूटनीतिक संवाद को एक नई दिशा मिलेगी और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कोशिशें और मजबूत होंगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 17, 2025 10:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).